राजस्थान में इस तारीख से लग जाएगी आचार संहिता, पंचायत-निकाय चुनाव से पहले करना होगा यह काम
Rajasthan News: राजस्थान में निकाय चुनाव और पंचायत चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयुक्त ने शासन सचिवालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें कई मुद्दों की समीक्षा की गई.

राजस्थान में नगर निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं. राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनावी प्रक्रिया से जुड़े विभागों को तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं. सोमवार को राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने शासन सचिवालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर कानून-व्यवस्था, मतदान केंद्र, चुनावी स्टाफ, आरक्षण और अधिकारियों के तबादलों सहित कई मुद्दों की समीक्षा की.
आयोग ने चुनाव से सीधे जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले 15 अगस्त तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि इसके बाद 16 अगस्त से निकाय चुनाव की आचार संहिता लग सकती है. हालांकि, चुनाव कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से ही की जाएगी.
66 हजार से ज्यादा मतदान केंद्रों की तैयारी
एक राज्य-एक चुनाव' के तहत नगर निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव कराने की तैयारी है. नगर निकाय चुनाव के लिए करीब 18 हजार मतदान केंद्र, जबकि पंचायती राज चुनाव के लिए करीब 48 हजार मतदान केंद्र बनाए जाने की तैयारी है.
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नगर निकाय चुनाव 39 जिलों में दो चरणों में कराने की तैयारी है. फलोदी और सलूम्बर में एक चरण में मतदान प्रस्तावित है. वहीं पंचायती राज चुनाव 36 जिलों में चार चरणों, चार जिलों में दो चरणों और एक जिले में एक चरण में कराने की तैयारी है. जैसलमेर में एक चरण में चुनाव कराने का प्रस्ताव है.
ईवीएम से सदस्य, मतपेटी से पंच-सरपंच
नगर निकाय सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्यों के चुनाव ईवीएम से कराए जाएंगे. वहीं पंच और सरपंच के चुनाव में मतपेटियों का इस्तेमाल होगा. नगर निकाय चुनाव के पहले चरण में 140 निकायों, 5,050 वार्ड और 10,185 मतदान केंद्रों के लिए करीब 71 हजार सिविल निर्वाचन कर्मचारियों और 61 हजार पुलिसकर्मियों की जरूरत होगी. दूसरे चरण में 169 निकायों और 5,195 वार्डों के लिए करीब 44 हजार सिविल निर्वाचन कर्मचारियों की आवश्यकता बताई गई है.
आरक्षण प्रक्रिया भी जल्द पूरी होगी
आयोग ने पदों के आरक्षण की प्रक्रिया जल्द पूरी करने और इसकी जानकारी आयोग को देने के निर्देश दिए हैं. नामांकन, संवीक्षा और नाम वापसी के दौरान भी पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था रखने को कहा गया है. वहीं, पिछले चुनावों में लापरवाही के कारण कार्रवाई के निर्देश वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को चुनावी जिम्मेदारी नहीं देने के निर्देश दिए गए हैं.
कुल मिलाकर आयोग की तैयारियों से साफ है कि राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव की प्रक्रिया अब तेजी से आगे बढ़ रही है. 15 अगस्त के बाद कभी भी कार्यक्रम घोषित कर आचार संहिता लागू की जा सकती है.























