Rajasthan: ‘निरोगी राजस्थान’ योजना की हुई शुरुआत, अब घर से 2.5 किमी की दूरी पर होगा सरकारी क्लीनिक
राजस्थान में निरोगी राजस्थान योजना की शुरूआत हो गई है. यह योजना कोरोना काल के कारण शुरू नहीं हो पाई थी. इस योजना से जनता को बहुत लाभ मिलेगा.

Udaipur News: अकसर देखा गया है कि बड़े शहरों में राजकीय हॉस्पिटल में सामान्य बीमारियों के उपचार के लिए भी लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता है. ज्यादा भीड़ होने के कारण घंटों बाद नम्बर आता है. यहीँ नहीं मरीज को लेकर 8-10 किमी से ज्यादा दूर लेकर हॉस्पिटल पहुंचना पड़ता है लेकिन आप सोचे कि अगर ऐसा हो कि घर के पास ही एक सरकारी चिकित्सा की सुविधा हो जाए तो कितना अच्छा हो. जी हां अब राजस्थान में यह शुरू हो चुका है और लोग इसका फायदा भी उठा रहे हैं. ढाई किलोमीटर के एरिया में 20-25 हजार की आबादी इस सुविधा का लाभ लेगी.
कोरोना के कारण हुई देरी, अब शुरू हुआ लाभ मिलना
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने तीसरे कार्यकाल में प्रदेश की जनता को निरोगी बनाने के 18 दिसंबर, 2019 को 'निरोगी राजस्थान' अभियान की शुरूआत की थी. इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के आमजन को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करना और खुद को रोगों से बचाव के प्रति जागरूक करना है. इस अभियान के तहत शहरों क्षेत्रों की कच्ची बस्तियों में रहने वाले गरीब लोगों को उनके घर के नजदीक ही नि:शुल्क चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए 'जनता क्लिनिक' की शुरूआत 18 दिसंबर, 2019 को की. शुरुआत में कुछ ही क्लिनिक खुले थे कि कोरोना संक्रमण का दौर शुरू हो गया. इसके बाद यह रुक गया था जो फिर से शुरू हुआ है.
उदयपुर में खुला जिले का पहला क्लीनिक
सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी ने बताया कि उदयपुर का पहला जनता क्लीनिक सविना क्षेत्र में खोल दिया गया है. जनता क्लीनिक पर 300 से ज्यादा दवाइयां एवं 15 जांचें मुफ्त रहेंगी. इनमें पीएचसी की तरह परामर्श और प्राथमिक चिकित्सा, टीकाकरण, एनसीडी स्क्रीनिंग सुविधा मिलेंगी. यहां एक चिकित्सक, 2 नर्स, 1 फार्मासिस्ट, 1 एएनएम और 1 सफाईकर्मी की नियुक्ति होगी.जनता क्लीनिक में उपचार के लिए आने वालों को टोकन नंबर दिया जाएगा.
डॉक्टर जांच कर टैबलेट में प्रिस्क्रिप्शन लिखेगा, जो जांच के बाद ऑनलाइन फीड हो जाएगा. दवाई भी टैबलेट में ही लिखी जाएगी. इसे फार्मासिस्ट अपने सिस्टम या टैबलेट में देखकर मरीज को दवाई देगा. इस क्लीनिक से एरिया के 15-20 हजार लोगों को चिकित्सा सुविधा घर के पास ही मिल जाएगा. शहर में ऐसे 10 और प्रदेश में 500 क्लीनिक खोले जाएंगे.
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