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Rajasthan: शातिर ठग बना प्रिंसिपल, स्टॉफ और स्टूडेंट के परिजनों से ठग लिए लाखों रुपये, जानें- पूरा मामला
Kota News: कोटा में ठगी का मामला सामने आया है जिसमें एक व्यक्ति ने अपना नाम बदलकर पहले स्कूल का प्रिंसिपल बना और बाद में उसी स्कूल के टीचर, स्टॉफ और स्टूडेंट्स के परेंट्स से पैसे लिए और फरार हो गया.

(आरोपी प्रिंसिपल त्रिद्वि नयन बनिस्था)
Source : दिनेश कश्यप
Kota News: कोटा में एक बड़ा फजीर्वाडे और ठगी का मामला सामने आया है जिसमें एक व्यक्ति ने अपना नाम बदलकर पहले स्कूल का प्रिंसिपल (principal) बना और बाद में उसी स्कूल के टीचर, स्टॉफ और स्टूडेंट्स के परेंट्स से पैसे लिए और फरार हो गया. ये पूरा मामला कोटा शहर के रावतभाटा रोड स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल का है. अब तक करीब एक दर्जन लोगों के साथ ठगी की बात सामने आई है.
मामला गंभीर होने पर शहर पुलिस अधीक्षक शरद चौधरी ने भी स्पेशल इनवेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) का गठन कर दिया है. इस संबंध में डीपीएस स्कूल ने भी प्रिंसिपल त्रिद्वि नयन बनिस्था उर्फ त्रिदिव उपाध्याय से पल्ला झाड़ लिया और उसे टर्मिनेट कर दिया है.
अपनी पत्नी को बताया बीमार और हड़पता रहा पैसे
प्रिंसिपल त्रिद्वि नयन बनिस्था उर्फ त्रिदिव उपाध्याय ने पहले तो अपनी पत्नी को बीमार बताया और लोगों से पैसे लेता रहा. वह जिस मकान में किराए से रह रहा था उस मकान मालिक से भी उसने एक लाख की ठगी की है. साथ ही उसकी बेटी का एडमिशन पुणे के प्रतिष्ठित सिंबोसिस लॉ कॉलेज में करवाने की बात कही थी. पता चलने पर मकान मालिक राम सिंह राठौड़ और लाडपुरा निवासी पैरंट्स सौरभ सेठिया ने भी मुकदमा दर्ज करवाया है. जिसकी पड़ताल पुलिस उप अधीक्षक चतुर्थ हर्षराज सिंह खरेड़ा करेंगे.
अपनी पत्नी को बताया बीमार और हड़पता रहा पैसे
प्रिंसिपल त्रिद्वि नयन बनिस्था उर्फ त्रिदिव उपाध्याय ने पहले तो अपनी पत्नी को बीमार बताया और लोगों से पैसे लेता रहा. वह जिस मकान में किराए से रह रहा था उस मकान मालिक से भी उसने एक लाख की ठगी की है. साथ ही उसकी बेटी का एडमिशन पुणे के प्रतिष्ठित सिंबोसिस लॉ कॉलेज में करवाने की बात कही थी. पता चलने पर मकान मालिक राम सिंह राठौड़ और लाडपुरा निवासी पैरंट्स सौरभ सेठिया ने भी मुकदमा दर्ज करवाया है. जिसकी पड़ताल पुलिस उप अधीक्षक चतुर्थ हर्षराज सिंह खरेड़ा करेंगे.
सोशल मीडिया पर अपील करते ही हुआ फरार
जब स्कूल स्टॉफ को पता लगने लगा की ये सभी से पैसे लेकर ठगी कर रहा है तो स्कूल प्रबंधन ने सोशल मीडिया के माध्यम से सभी पैरेंट्स व स्टॉफ से पैसे नहीं देने की अपील कर दी जिसके बाद वह प्रिंसिपल फरार हो गया है. डीपीएस स्कूल प्रबंधन ने इस मामले में कोई सूचना देने से भी इंकार कर दिया है. हालांकि विद्यालय प्रबंधन ने आरोपी प्रिंसिपल को टर्मिनेट कर दिया.
स्टॉफ और ठेकेदार को भी नहीं बख्शा
जानकारी के अनुसार त्रिद्वि नयन बनिस्था ने कोटा के रथकांकरा में स्कूल की बड़ी बिल्डिंग बनवाने के एवज में जहां ठेकेदार से पैसे लिए वहीं स्टॉफ को भी अपना शिकार बनाया. पहले ठेकेदार चेतन को स्कूल की सदस्यता दिलवाने के नाम पर और काम दिलाने के लिए ढाई लाख ले लिए. ये पैसे भी उसने किसी बहाने से लिए और तीन दिन में वापस करने के लिए कहा लेकिन नहीं किए. पैसे वापस देने के दबाव बनाया तो बडी मुश्किल से एक लाख दिए. स्कूल प्रबंधन (management) ने पुलिस को भी एक पत्र भेजा है. जिसमें लिखा है कि करीब 1.30 लाख रुपए की ठगी स्टाफ से की है. त्रिद्वि नयन बनिस्था ने स्कूल के स्पोर्ट्स टीचर साकिब से 45000, अकाउंटेंट नरेंद्र सिंह 35000, टीचर बनी सेठी से 50000, स्टोर इंचार्ज उपेंद्र से 2000 इसी तरह के कारण बताकर ले लिए हैं.
इतने बडे फ्रोड को स्कूल प्रबंधन ने प्रिंसिपल कैसे बना दिया
त्रिद्वि नयन बनिस्था के श्रीनाथपुरम निवासी राम सिंह राठौड़ के मकान में किराए से रहता था. उसके आधार कार्ड के अनुसार वह मूलत आसाम का है, जानकारी करने पर पता चला की वह पहले भी कई जगह फ्रोड कर चुका है. ऐसे में डीपीएस स्कूल प्रबंधन ने बिना वेरिफिकेशन के कैसे उसे प्रिंसिपल बना दिया, यह भी बड़ा सवाल है. अब स्कूल प्रबंधन पल्ला झाड रहा है. इस मामले में आरके पुरम थानाधिकारी अनिल जोशी ने कहा कि दो लोगों द्वारा मामले दर्ज कराए गए हैं जिस पर जांच की जा रही है. आरोपी को पकड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं.
जब स्कूल स्टॉफ को पता लगने लगा की ये सभी से पैसे लेकर ठगी कर रहा है तो स्कूल प्रबंधन ने सोशल मीडिया के माध्यम से सभी पैरेंट्स व स्टॉफ से पैसे नहीं देने की अपील कर दी जिसके बाद वह प्रिंसिपल फरार हो गया है. डीपीएस स्कूल प्रबंधन ने इस मामले में कोई सूचना देने से भी इंकार कर दिया है. हालांकि विद्यालय प्रबंधन ने आरोपी प्रिंसिपल को टर्मिनेट कर दिया.
स्टॉफ और ठेकेदार को भी नहीं बख्शा
जानकारी के अनुसार त्रिद्वि नयन बनिस्था ने कोटा के रथकांकरा में स्कूल की बड़ी बिल्डिंग बनवाने के एवज में जहां ठेकेदार से पैसे लिए वहीं स्टॉफ को भी अपना शिकार बनाया. पहले ठेकेदार चेतन को स्कूल की सदस्यता दिलवाने के नाम पर और काम दिलाने के लिए ढाई लाख ले लिए. ये पैसे भी उसने किसी बहाने से लिए और तीन दिन में वापस करने के लिए कहा लेकिन नहीं किए. पैसे वापस देने के दबाव बनाया तो बडी मुश्किल से एक लाख दिए. स्कूल प्रबंधन (management) ने पुलिस को भी एक पत्र भेजा है. जिसमें लिखा है कि करीब 1.30 लाख रुपए की ठगी स्टाफ से की है. त्रिद्वि नयन बनिस्था ने स्कूल के स्पोर्ट्स टीचर साकिब से 45000, अकाउंटेंट नरेंद्र सिंह 35000, टीचर बनी सेठी से 50000, स्टोर इंचार्ज उपेंद्र से 2000 इसी तरह के कारण बताकर ले लिए हैं.
इतने बडे फ्रोड को स्कूल प्रबंधन ने प्रिंसिपल कैसे बना दिया
त्रिद्वि नयन बनिस्था के श्रीनाथपुरम निवासी राम सिंह राठौड़ के मकान में किराए से रहता था. उसके आधार कार्ड के अनुसार वह मूलत आसाम का है, जानकारी करने पर पता चला की वह पहले भी कई जगह फ्रोड कर चुका है. ऐसे में डीपीएस स्कूल प्रबंधन ने बिना वेरिफिकेशन के कैसे उसे प्रिंसिपल बना दिया, यह भी बड़ा सवाल है. अब स्कूल प्रबंधन पल्ला झाड रहा है. इस मामले में आरके पुरम थानाधिकारी अनिल जोशी ने कहा कि दो लोगों द्वारा मामले दर्ज कराए गए हैं जिस पर जांच की जा रही है. आरोपी को पकड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं.
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