राजस्थान हाईकोर्ट में आज वकीलों ने काम किया ठप, दो शनिवार कोर्ट खोलने पर बार एसोसिएशन का विरोध
Rajasthan News: राजस्थान हाईकोर्ट के नए साल 2026 में हर महीने दो शनिवार को अदालत खोलने के निर्णय को लेकर बार एसोसिएशन ने शनिवार, 7 जनवरी को वकीलों ने सामूहिक रूप से स्वैच्छिक कार्य बहिष्कार किया है.

राजस्थान हाईकोर्ट के नए साल 2026 में हर महीने दो शनिवार को अदालत खोलने के निर्णय को लेकर बार एसोसिएशन ने विरोध दर्ज कराया है. इस फैसले के विरोध में शनिवार, 7 जनवरी 2026 को वकीलों ने सामूहिक रूप से स्वैच्छिक कार्य बहिष्कार किया है. इसके चलते आज निर्धारित मामलों की सुनवाई टलने या अगली तारीख मिलने की पूरी संभावना जताई जा रही है. हालांकि, हर महीने दो शनिवार को कोर्ट खोलने का निर्णय हाईकोर्ट की फुल कोर्ट मीटिंग में लिया गया था, लेकिन बार एसोसिएशन का कहना है कि यह फैसला उन्हें अंधेरे में रख कर लिया गया, जिससे अधिवक्ताओं में नाराजगी है.
दिसंबर 2025 में दो शनिवार को कोर्ट खोलने का लिया गया था फैसला
दरअसल राजस्थान हाईकोर्ट में लंबित मामलों को लेकर यह फैसला दिसंबर 2025 को किया गया था. इसमें फुल कोर्ट मीटिंग में यह तय हुआ था कि जनवरी 2026 से हर महीने दो शनिवार को कोर्ट खोलें जाएंगे. इस फैसले को लेकर फुल कोर्ट मीटिंग में तय हुआ कि महीने के दो शनिवार कोर्ट खोले जाएंगे, जिससे पेंडिंग केसों का भार कम हो सकें. वकील इस फैसले के व्यावहारिक पहलुओं और कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक न होने के चलते नाराज है. ऐसे में वे आज अपनी इच्छा से कार्य नहीं कर रहे.
बार एसोसिएशन को अंधेरे में रखकर लिया गया फैसला
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव सोगरवाल ने मामले को लेकर पक्ष रखते हुए कहा कि पांच जजों की कमेटी ने अपनी रिपोर्ट कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश को सौंप दी है, लेकिन बार को इस रिपोर्ट के नतीजों से अंधेरे में रखा गया है. वकीलों का मानना है कि यह निर्णय उनके हित में नहीं है.
बार एसोसिएशन का यह भी मानना है कि जब तक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होती और वकीलों की चिंताओं पर विचार नहीं किया जाता, तब तक इस तरह का निर्णय लागू करना सही नहीं है. वहीं अगर आज शनिवार को आपके केस की सुनवाई की जानी थी तो वकीलों के स्वैच्छिक कार्य बहिष्कार के चलते सुनवाई टलने या अगली तारीख मिलने की पूरी संभावना है.
























