केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर अशोक गहलोत का पलटवार, 'मैं तो उम्मीद कर रहा था कि...'
राजस्थान के पूर्व CM अशोक गहलोत ने जोधपुर में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर निशाना साधा. गहलोत ने कहा कि उन्होंने डिफेमेशन का केस कर रखा है, अब ये समझ गए होंगे मेरी भावना क्या थी.

Ashok Gehlot on Gajendra Shekhawat: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत इन दिनों जोधपुर में हैं. इस दौरान आरोप-प्रत्यारोपों का दौर भी चल रहा है और पुरानी कहानी भी सामने आ रही है. एक बार फिर सचिन पायलट को लेकर घमासान छिड़ चुका है. जोधपुर के सर्किट हाउस में मीडिया से बात करते हुए पूर्व सीएम गहलोत का दर्द छलका.
उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने मेरे खिलाफ डिफेमेशन का केस किया था. इस पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि मैं तो सोच रहा था कि केंद्रीय मंत्री डिफेमेशन केस वापस ले लेंगे और आपस में बैठकर बात करेंगे.
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के ट्वीट को लेकर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि मैंने कब मना किया कि हम कुछ नहीं कर रहे हैं? जैसे ही हमें मालूम पड़ा कि वह एमएलए फंड से नहीं है, हमने खुद ही मना कर दिया. जानबूझकर ये लोग मुद्दा बना रहे हैं क्योंकि इनके पास कहने को कुछ नहीं है. क्या जरूरी है कि मैं वहां जाकर उद्घाटन करूं? मैंने कभी कहा भी नहीं है.
“मुझे बदनाम करने से
— Gajendra Singh Shekhawat (@gssjodhpur) June 27, 2025
तुम्हारा काम बनता है
तो चलो एक अहसान और सही”…अशोक गहलोत जी अपने पुत्र का राजनीतिक करियर बनाने के लिए संजीवनी क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी प्रकरण में मेरा नाम घसीटकर मुझे कलंकित करने के प्रयास में बुरी तरह असफल रहे हैं। माननीय उच्च न्यायालय ने भी मुझे…
डिफेमेशन केस पर क्या बोले गहलोत?
गहलोत ने कहा, ''उन्होंने मेरे खिलाफ केस कर रखा है, डिफेमेशन का केस कर रखा है, मैं तो उम्मीद कर रहा था, अब ये समझ गए होंगे मेरी भावना क्या थी. उस वक्त तो डिफेमेशन केस मेरे खिलाफ कर रखा है वो वापस ले लेंगे, मैं तो ये उम्मीद कर रहा हूं उनसे, और वो उल्टा नया इश्यू खड़ा कर रहे हैं, ये बात है.''
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कहा ''आज मैं फिर कहना चाहूंगा, जो लोग, वो आपका जो कौन सा इश्यू था, वो हैं न जिसमें जेल गए थे कई लोग, क्या नाम था उसका ? संजीवनी, संजीवनी घोटाला, मैं चाहूंगा वो यहां आकर अभी देखें दो तीन बार बन गए एमपी बन गए, और उनको कैबिनेट मंत्री बनाया गया है दिल्ली के अंदर. कैबिनेट मंत्री कोई मामूली बात नहीं होती है , कैबिनेट मंत्री बनना बड़ी बात है वो सरकार के पार्ट हैं, वहां पर उनको चाहिए वो आगे आएं, हम लोग आपस में बात करें.''
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