Rajasthan Election: जयपुर की किशनपोल सीट पर क्या है सियासी समीकरण? वर्षों बाद कांग्रेस को ऐसे मिली थी जीत
Rajasthan Election News: यहां पर बीजेपी और कांग्रेस के अलावा किसी और दल को वोट नहीं मिलती. सबकी जमानत जब्त हो जाती है. यहां पर पिछले चुनाव में बहुत अंतर से बीजेपी को हार मिली थी.

Rajasthan Election 2023: राजस्थान में वैसे तो कई सीटें मुस्लिम बाहुल्य हैं, मगर जयपुर शहर की किशनपोल विधान सभा सीट मुस्लिम वोटर्स के हिसाब से सबसे ज्यादा मजबूत मानी जाती है. ऐसे में यहां पर पिछले चुनावों को देखे तो यहां बीजेपी और कांग्रेस की सीधी लड़ाई रही है. मगर, पिछले तीन चुनावों में देखें तो बीजेपी को दो बार और कांग्रेस को एक बार जीत मिली है. यहां पर पिछले चुनाव में बहुत अंतर से बीजेपी को हार मिली. बीजेपी के मोहन लाल गुप्ता को कांग्रेस के अमीन कागजी ने 9 हजार के आसपास के वोट से हरा दिया था.
यहां पर बीजेपी और कांग्रेस के अलावा किसी और दल को वोट नहीं मिलता. सबकी जमानत जब्त हो जाती है. यहां पर वोटिंग के समय पर जातिगत समीकरण तेज हो जाता है. इस बार पानी की यहां पर बड़ी समस्या है. इसलिए कांग्रेस और बीजेपी दोनों यहां पर चेहरे बदलने की तैयारी में है.
आंकड़ों की नजर में देखिये
किशनपोल विधान सभा सीट पर कुल 1,93136 वोटर्स हैं. जिसमें पुरुष 1,01438 और महिला 9,1698 हैं. पिछले चुनाव में यहां पर कुल 72.27 प्रतिशत मतदान हुआ था. किशनपोल विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी ने विधायक मोहनलाल गुप्ता और कांग्रेस ने अमीन कागजी को चुनाव मैदान में उतारा था. यहां से जयपुर मेयर रही ज्योति खंडेलवाल ने भी टिकट की दावेदार की थी मगर उन्हें नहीं मिला. इसे लेकर चुनाव में खूब चर्चा रही. 2013 मेंबीजेपी के मोहन लाल गुप्ता ने चुनाव जीत लिया था.
2008 में भी मोहन लाल गुप्ता को जीत मिली थी. मगर इस बार लड़ाई अभी कुछ साफ नहीं है. यहां पर मुस्लिम वोटर्स की संख्या सबसे अधिक है. माली, गुप्ता और आदि जातियां यहां पर प्रभाव डालती हैं.
रोजगार और पानी बड़ा मुद्दा
इस सीट पर साफ पानी और रोजगार बड़ा मुद्दा है. यहां पर सरकार की योजनाओं को घर घर पहुंचाने की तैयारी है. वहीं दूसरी तरफबीजेपी ने यहां पर हिन्दू पलायन के मुद्दे पर काम कर रही है. पिछले दिनों हिंदुओं के पलायन के पोस्टर भी लग गए थे.
इन्हें मिली है कमान
वर्ष 2008 मेंबीजेपी को जीत मिली है. वर्ष 2013 में भीबीजेपी को जीत मिली थी. वर्ष 2018 में कांग्रेस को जीत मिली है. यह सीट दोनों दलों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है.
























