'छोरा-छोरी' वाला बयान देने वाले विधायक के बचाव में उतरी BJP? कांग्रेस पर ही खड़े किए सवाल
Rajasthan Politics: 'छोरा-छोरी' वाले बयान के बाद कांग्रेस विधायक बहादुर कोली से माफी की मांग कर रही है, जबकि बीजेपी कांग्रेस पर ही हमलावर है. कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी की सोच ही ऐसी है.

राजस्थान विधानसभा में बजट की तुलना 'छोरा और छोरी' से करने वाले भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक बहादुर सिंह कोली ने अब तक अपने विवादित बयान पर माफी नहीं मांगी है. इसके चलते राजस्थान का सियासी पारा बढ़ता जा रहा है. कांग्रेस लगातार बीजेपी विधायक और पार्टी पर निशाना साध रही है. वहीं दूसरी ओर बीजेपी अब अपने विधायक के बयान को लेकर कांग्रेस पर ही हमलावर है.
दरअसल, बीजेपी विधायक बहादुर सिंह कोली ने भजनलाल शर्मा सरकार के बजट को 'छोरा' यानी बेटा बताते हुए उसकी तारीफ की थी और इससे पहले की अशोक गहलोत सरकार के बजट को 'छोरी' यानी बेटी बताते हुए उसका मजाक उड़ाया था.
'बीजेपी से माफी की उम्मीद भी नहीं कर सकते'- कांग्रेस विधायक
चार दिन बीत जाने के बाद भी बीजेपी विधायक ने अपने विवादित बयान को लेकर माफी नहीं मांगी और न ही कोई सफाई पेश की. इसपर कांग्रेस की ओर से बीजेपी पर निशाना साधा जा रहा है. कांग्रेस विधायक घनश्याम महर का कहना है कि बहादुर कोली अकेले विधायक नहीं हैं, जिनकी ऐसी छोटी सोच हो. उन्होंने दावा किया कि पूरी बीजेपी की ही सोच ऐसी है.
कांग्रेस विधायक घनश्याम महर का कहना है, "शर्मनाक यह है कि विधानसभा के सदन में यह बयान दिए हुए चार दिन हो गए हैं और पार्टी ने अपने विधायक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है. कार्रवाई नहीं करने का मतलब है कि बीजेपी उनके इस बयान पर सहमति जता रही है. वैसे बीजेपी का जो इतिहास रहा है, उसे देखकर उससे माफी मांगने या कार्रवाई करने की उम्मीद भी नहीं की जा सकती."
बीजेपी ने कांग्रेस को ही घेर लिया
दूसरी ओर, एक्शन लिए जाने के सवाल पर बीजेपी विधायक ने कांग्रेस को ही घेरे में ले लिया. बीजेपी विधायक गोपाल शर्मा ने उल्टा कांग्रेस को ही कटघरे में खड़ा करते हुए सवाल किया कि जब बीजेपी विधायक सदन के अंदर यह बयान दे रहे थे तब कांग्रेस में से किसी ने आवाज क्यों नहीं उठाई? तब सब शांत रहे और अब राजनीति कर रहे हैं.
'कांग्रेस को अब सवाल उठाने की क्या जरूरत?'- BJP
बीजेपी विधायक ने कहा, "बीजेपी विधायक बहादुर सिंह कोली के बयान पर कांग्रेस को उसी वक्त विरोध करना चाहिए था. तब कांग्रेस के विधायक चुप क्यों थे? अगर उन्होंने उस वक्त विरोध नहीं किया तो अब सवाल उठाने की क्या जरूरत है?" हालांकि, बीजेपी नेता ने यह स्पष्ट किया कि बहादुर कोली के बयान से सहमत नहीं हुआ जा सकता, लेकिन कांग्रेस अब इस मुद्दे पर सियासत कर रही है.
Source: IOCL























