विधानसभा में हुई अशोक गहलोत एंट्री, टीकाराम जूली ने किया स्वागत गैरमौजूदगी पर हो रही थी सियासत!
Rajasthan News: विधानसभा में पूर्व CM अशोक गहलोत ने अचानक जयपुर स्थित राजस्थान विधानसभा का दौरा किया. उन्होंने प्रधानमंत्री के अजमेर दौरे और कॉलेज उद्घाटन को लेकर सरकार पर श्रेय लेने का आरोप लगाया.

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत 23 फरवरी को अचानक विधानसभा की कार्रवाई में शामिल होने पहुंचे और विधायक दल की बैठक में हिस्सा भी लिया. उनके गैरमौजूदगी पर विपक्षी पार्टी की ओर से सियासी बयानबाजी सामने आ रही थी. उनके विधानसभा पहुंचने पर नेता प्रतिपक्ष ने उनका स्वागत भी किया. उन्होंने सदन की कार्यवाही के बीच उन्होंने मीडिया से बातचीत की. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अजमेर दौरे को लेकर गहलोत ने बड़ा बयान दिया और सरकार पर कई मुद्दों पर निशाना साधा है.
अशोक गहलोत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिन 19 कॉलेजों का उद्घाटन करने अजमेर आ रहे हैं, उनमें से 18 कॉलेज उनकी (कांग्रेस) सरकार के कार्यकाल में बनाए गए थे. उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार केवल तैयार परियोजनाओं का श्रेय लेने में लगी है. उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार 2 साल बनाम 5 साल की बहस में उलझी हुई है और पूर्व सरकार के कार्यों को गिनाने का काम कर रही है. गहलोत ने इसे राजनीतिक दिखावा बताया और कहा कि जनता सब देख रही है.
कानून व्यवस्था और प्रोजेक्ट पर हमला
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि राज्य में लूट, डकैती और हत्या जैसी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन सरकार सदन में इस पर चर्चा कराने से बच रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि जनहित की कई योजनाएं रोकी जा रही हैं. कोचिंग हब का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने कोचिंग संस्थानों के लिए अलग हब बनाया था, लेकिन वर्तमान सरकार ने शिफ्टिंग नहीं करवाई, जिससे शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ गई है.
टोंक विवाद और लोकतंत्र पर टिप्पणी
टोंक से भाजपा के पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया के कथित कंबल विवाद पर गहलोत ने कहा कि यह बीजेपी की मानसिकता को दर्शाता है. उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए कहा कि देश का माहौल चिंताजनक दिशा में जा रहा है.
गहलोत ने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव है. उन्होंने कहा कि इलेक्शन कमीशन, न्यायपालिका और ब्यूरोक्रेसी दबाव में काम कर रही हैं. विपक्ष को खत्म करने की बात लोकतंत्र के लिए खतरनाक है और बिना विपक्ष के स्वस्थ लोकतंत्र संभव नहीं है.























