कुचामन अस्पताल की लापरवाही, मोतियाबिंद सर्जरी से 7 मरीज गंभीर, OT सीज
Rajasthan News In Hindi: राजस्थान के राजकीय जिला अस्पताल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने पहुंचे 7 मरीजों की आंखों में गंभीर इंफेक्शन होने का मामला सामने आया है. जिस पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं.

राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में इलाज की व्यवस्थाओं को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं. प्रसूताओं की मौत के मामलों के बाद अब कुचामन सिटी के राजकीय जिला अस्पताल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने पहुंचे 7 मरीजों की आंखों में गंभीर इंफेक्शन होने का मामला सामने आया है. ऑपरेशन के करीब 24 घंटे बाद मरीजों की आंखों में संक्रमण बढ़ने लगा और आंखें सफेद पड़ने लगीं. हालत बिगड़ने पर 5 मरीजों को जयपुर के एसएमएस अस्पताल और 2 को अजमेर के जेएलएन अस्पताल रेफर किया गया है.
ऑपरेशन थिएटर हुआ सीज, मामले पर जांच कमेटी की गई गठित
घटना सामने आने के बाद चिकित्सा विभाग में हड़कंप मच गया. जिला कलक्टर अवधेश मीना भी अस्पताल पहुंचे और पीएमओ व डॉक्टरों से पूरे मामले की जानकारी ली. एहतियात के तौर पर ऑपरेशन थिएटर सीज कर दिया गया है और मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है. मामले की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सा विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. सम्पत सिंह जोधा, सीएमएचओ डॉ. नरेंद्र सिंह चौधरी और एसएमएस अस्पताल की विशेषज्ञ टीम कुचामन पहुंची. टीम ने नेत्र विभाग और ऑपरेशन थिएटर का निरीक्षण किया. ऑपरेशन करने वाले चिकित्सकों से भी जानकारी ली गई.
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मरीजों की हालत पर अशोक गहलोत ने व्यवस्थाओं पर साधा निशाना
जांच टीम में नेत्र रोग विशेषज्ञ, एनेस्थेटिक विशेषज्ञ, माइक्रोबायोलॉजी विशेषज्ञ और सहायक माइक्रोबायोलॉजी एक्सपर्ट शामिल हैं. टीम ने अस्पताल और ओटी से सैंपल लिए हैं. इनकी जांच के बाद रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी जाएगी. डॉ. सम्पत सिंह जोधा ने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी. मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने गए 7 मरीजों की हालत गंभीर होना और उनकी आंखों की रोशनी जाने का खतरा पैदा होना बेहद चिंताजनक है.
गहलोत ने सरकार से तत्काल जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. मरीजों की हालत बिगड़ने की इस घटना ने सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं और ऑपरेशन की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब जांच रिपोर्ट से ही साफ होगा कि संक्रमण की वजह क्या रही और इसके लिए जिम्मेदारी किसकी तय होती है.
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