कोटा: BJP के नए ऑफिस की जमीन पर रेलवे का दावा, KDA को दिए जांच के निर्देश, निर्माण को बताया अवैध
Kota News In Hindi: कोटा के 80 फीट रोड पर बन रहे बीजेपी के नए जिला कार्यालय को लेकर पश्चिम मध्य रेलवे ने इसे अवैध बताया है. रेलवे का कहना है कि जिस भूखंड पर कार्यालय बन रहा है, वह रेलवे की संपत्ति है.

कोटा के 80 फीट रोड पर बन रहे बीजेपी के नए जिला कार्यालय को लेकर अब जमीन का विवाद गहराता नजर आ रहा है. पश्चिम मध्य रेलवे ने दावा किया है कि जिस प्लॉट पर पार्टी कार्यालय का निर्माण चल रहा है. वह रेलवे की संपत्ति है और वहां हो रहा निर्माण नियमों के खिलाफ है. रेलवे प्रशासन ने इस मामले को गंभीर मानते हुए 16 जून को संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. साथ ही कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए) से भी पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है.
2008 में भूमि सड़क निर्माण के लिए यूआईटी को दी गई थी लीज पर
रेलवे के मुताबिक साल 2008 में यह भूमि तत्कालीन यूआईटी को केवल सड़क निर्माण के उद्देश्य से 35 साल की लीज पर दी गई थी. लीज की शर्तों में साफ लिखा गया था कि जमीन का उपयोग किसी अन्य निर्माण के लिए नहीं किया जा सकता. रेलवे का कहना है कि इसके बावजूद इसी भूमि पर बीजेपी का जिला कार्यालय तैयार किया जा रहा है.
मामले में दिलचस्प पहलू यह भी है कि साल 2020 में यूआईटी ने इस भूखंड का आवंटन बीजेपी को कर दिया था. अब रेलवे इसे लीज की शर्तों का उल्लंघन बता रहा है. रेलवे रिकॉर्ड में संबंधित भूमि की चौड़ाई 182.88 मीटर दर्ज है, जबकि राजस्व विभाग के पुराने दस्तावेजों में इसकी चौड़ाई 72 मीटर बताई गई है. इसी अंतर ने पूरे विवाद को और पेचीदा बना दिया है.
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निर्माण को लेकर सस्पेंस!
इससे पहले भी रेलवे ने अप्रैल महीने में इस निर्माण पर आपत्ति दर्ज कराई थी, जिसके बाद रेलवे, केडीए और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने मौके का सर्वे किया था. हालांकि सर्वे के बाद भी जमीन की वास्तविक स्थिति पर अंतिम सहमति नहीं बन सकी.
उधर बीजेपी शहर जिलाध्यक्ष राकेश जैन ने कहा कि पार्टी ने भूखंड की पूरी राशि जमा कर विधिवत आवंटन प्राप्त किया है. उनका कहना है कि यदि रेलवे का कोई दावा है तो वह रेलवे और केडीए के बीच का मामला है. उन्होंने यह भी कहा कि आसपास कई अन्य निर्माण पहले से मौजूद हैं. ऐसे में केवल बीजेपी कार्यालय को निशाना बनाना उचित नहीं है. अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि रेलवे और केडीए के बीच चल रही इस खींचतान का आखिर क्या नतीजा निकलता है और बीजेपी के नए जिला कार्यालय का निर्माण आगे जारी रहेगा या नहीं?
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