जोधपुर: GST रिफॉर्म के बाद चीजें हुईं सस्ती, ग्राहकों को अभी भी मिल रहीं महंगी, ये है वजह
Jodhpur News: प्रोविजन स्टोर एसोसिएशन के अध्यक्ष राधाकृष्ण सोनी ने बताया कि अभी दुकानों पर पुराना स्टॉक पड़ा है और उस पर पहले ही टैक्स चुकाया जा चुका है.

देशभर में सोमवार (22 सितंबर) से जीएसटी रिफॉर्म लागू हो गया है. केंद्र सरकार ने दावा किया था कि खाने-पीने की चीजों सहित कई वस्तुओं पर टैक्स कम होने से आम उपभोक्ताओं को बड़ा फायदा मिलेगा. लेकिन जोधपुर में एबीपी न्यूज की पड़ताल में सामने आया है कि फिलहाल बाजार में इसका असर दिखाई नहीं दे रहा है.
जोधपुर की कृषि मंडी स्थित प्रोविजन स्टोर एसोसिएशन के अध्यक्ष राधाकृष्ण सोनी ने बताया कि अभी दुकानों पर पुराना स्टॉक पड़ा है और उस पर पहले ही टैक्स चुकाया जा चुका है. ऐसे में नई दरों पर बिक्री करना फिलहाल संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि जब नया स्टॉक आएगा और सरकार की नई रेट लिस्ट दुकानदारों तक पहुंचेगी, तभी उपभोक्ताओं को राहत मिल पाएगी.
'दुकानदारों के पास पूरी जानकारी नहीं'
राधाकृष्ण सोनी के अनुसार उनके यहां पांच ड्राई फ्रूट्स प्रोडक्ट्स और घी पर 5% जीएसटी लागू हुआ है, जबकि बाकी कई प्रोडक्ट्स पहले से टैक्स फ्री थे. वहीं शैंपू, हार्पिक और शराब जैसी वस्तुओं पर भी टैक्स घटा है, लेकिन दुकानदारों के पास इसकी अभी पूरी जानकारी नहीं है.
'पुरानी दरों पर बेचना पड़ा रहा सामान'
दुकान पर मौजूद ग्राहकों ने भी पूछा कि क्या कीमतें कम हुई हैं, लेकिन दुकानदारों का कहना था कि फिलहाल पुरानी दरों पर ही सामान बेचना पड़ रहा है. उनका कहना है कि पुराना टैक्स उन्होंने पहले ही भर दिया है, ऐसे में नई दर तुरंत लागू करना उनके लिए नुकसानदायक होगा.
आने वाले दिनों में मिलेगी राहत
जीएसटी रिफॉर्म लागू होने के पहले ही दिन जोधपुर की कृषि मंडी में उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिली है. दुकानदारों का कहना है कि आने वाले दिनों में जब नया स्टॉक और रेट लिस्ट उपलब्ध होगी, तभी बाजार में कीमतों में कमी दिखेगी. बता दें केंद्र सरकार ने जीएसटी के 5 और 18 फीसदी के दो ही स्लैब कर दिए हैं.
पुरानी रेट लिस्ट टंगी मिली
वहीं एबीपी न्यूज़ की टीम ने जोधपुर के नेशनल हैंडलूम स्टोर पर पड़ताल की. यहां पर रोजाना की तरह वही पुरानी रेट लिस्ट टंगी मिली, किसी भी सामान की कीमत में कोई बदलाव नहीं था. जब स्टोर इंचार्ज से पूछा गया कि जीएसटी रिफॉर्म के बाद टैक्स कम हुआ है तो कीमतों में फर्क क्यों नहीं दिख रहा, तो उन्होंने साफ कहा, "यह माल हमने पहले ज्यादा टैक्स पर खरीदा है. जब तक यह स्टॉक खत्म नहीं होगा, नई दरें लागू नहीं होंगी. नया माल आने पर ही कम टैक्स वाली कीमत पर सामान मिलेगा."
जब उनसे सवाल किया गया कि सरकार तो जीएसटी रिफंड देने की बात कर रही है, तो उनका जवाब था, "सरकार हमें कोई रिफंड नहीं दे रही. हमारे पास जो स्टॉक है, उसे पुराने रेट पर ही बेचना होगा."
इस जांच में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई कि कई कंपनियों ने पहले ही अपने प्रोडक्ट्स की एमआरपी बढ़ा दी है. नतीजा यह है कि टैक्स में कटौती के बावजूद उपभोक्ताओं को वास्तविक लाभ नहीं मिल रहा.
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Source: IOCL
























