उन्नाव रेप केस: कुलदीप सेंगर की बेटी की अमित शाह को चिट्ठी, कहा- पीड़िता और उसके परिवार को मिले सुरक्षा
Unnao Rape Case: कुलदीप सिंह सेंगर की बेटी ऐश्वर्या ने पत्र में लिखा कि पीड़िता मीडिया और सोशल मीडिया पर बयान कर धमकी दे रही है कि कुलदीप सेंगर को जमानत या फिर रिहाई हुई तो वह आत्महत्या कर लेगी.

उत्तर प्रदेश के उन्नाव से बीजेपी के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर बलात्कार के आरोप में उम्रकैद की सज़ा काट रहे हैं. उनकी बेटी ऐश्वर्या सेंगर ने गृहमंत्री अमित शाह को एक भावुक पत्र लिखकर रेप मामले में पीड़िता और उसके परिवार की सुरक्षा की मांग की है. जिसके पीछे तर्क है कि पीड़िता लगातार सार्वजनिक रूप से आत्महत्या या हत्या की आशंका जता रही है.
पत्र में चिंता जाहिर करते हुए ऐश्वर्या ने लिखा कि पीड़िता बार-बार मीडिया और सोशल मीडिया पर बयान कर धमकी दे रही है कि कुलदीप सिंह सेंगर को जमानत या फिर रिहाई हुई तो वह आत्महत्या कर लेगी. ऐश्वर्या ने शंका जाहिर की है कि यदि कोई अप्रिय घटना या दुर्घटना पीड़िता या पीड़िता के परिवार के साथ हुई तो सारा आरोप उनके पिता पर मढ़ दिया जाएगा.
पत्र में पुरानी घटनाओं का जिक्र
ऐश्वर्या ने गृहमंत्री को लिखे पत्र में जिक्र किया कि 2018 में पीड़िता ने सीएम आवास के सामने आत्मदाह का प्रयास किया था, जिस पर मीडिया के दबाब में मुकदमा दर्ज हुआ और उसके पिता(कुलदीप सेंगर) को गिरफ्तार कर लिया गया. ऐश्वर्या ने 2019 की सड़क दुर्घटना का भी पत्र में उल्लेख किया, जिसमें पीड़िता घायल हुई थी और उसके रिश्तेदारों की मौत हुई थी. ऐश्वर्या ने बताया कि इस घटना में सीबीआई, IIT दिल्ली,CFSL और CRRI ने स्पष्ट रूप से दुर्घटना माना था. दिल्ली कोर्ट ने उन्हें बरी भी कर दिया उर कोई अपील भी नहीं हुई थी. लेकिन मीडिया उर पीड़िता का पक्ष आज भी उनके पिता पर हत्या के प्रयास का आरोप लगाता है.
https://x.com/ankulkaushik/status/2007061818267820342
मीडिया पर नैरेटिव बनाने का आरोप
ऐश्वर्या ने पत्र में आगे लिखा कि इस मामले को मीडिया की कवरेज ने एक नैरेटिव चलाया, जिससे निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार ही छिन गया. जैसे ही कोई राहत देने वाला फैसला आता है विरोध और आंदोलन शुरू हो जाता है. या परिवार के लिए बहुत बुरा एक सदमा है.
ऐश्वर्या ने मांग की कि पीड़िता को लगातार सुरक्षा दी जाए साथ ही मीडिया का दुरुपयोग न हो. पत्र स्पष्ट किया कि या केवल न्याय और मानवीय संवेदना के लिए है अपने लिए कोई सहानुभूति के लिए नहीं.
सुप्रीम कोर्ट ने जमानत रद्द की थी
कुलदीप सिंह सेंगर विवाद उस वक्त उछला जब बीती 23 दिसंबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत देते हुए उनकी सजा निलंबित कर दी थी. जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने 29 दिसंबर को हाईकोर्ट के फैसले को रद्द कर दिया था.
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