UGC नियमों के खिलाफ जयपुर में बवाल, प्रदर्शन के दौरान करणी सेना की पुलिस से हुई झड़प
UGC Controversy: जयपुर में यूजीसी के नए नियमों के विरोध में करणी सेना और सवर्ण संगठनों ने प्रदर्शन किया, जो मुख्यमंत्री आवास घेराव के दौरान पुलिस से झड़प में बदल गया.

राजस्थान की राजधानी जयपुर आज उस समय रणक्षेत्र बन गई जब यूजीसी (UGC) के नए नियमों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे करणी सेना और अन्य सवर्ण संगठनों के कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ जबरदस्त झड़प हुई. मुख्यमंत्री आवास के घेराव के लिए कूच कर रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ी.
यूजीसी के नए नियमों के विरोध में आज जयपुर के शहीद स्मारक पर करणी सेना समेत सवर्ण समाज के कई संगठनों ने विशाल सभा और प्रदर्शन का आयोजन किया था. सभा के दौरान अचानक प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करने का ऐलान कर दिया. जैसे ही भीड़ आगे बढ़ी, पुलिस ने कई लेयर की बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की. इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई और धक्का-मुक्की की स्थिति पैदा हो गई. पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए प्रदर्शनकारियों को पीछे धकेला.
आगामी चुनावों में BJP के बहिष्कार का निर्णय
इस सभा में सवर्ण संगठनों ने एक बड़ा राजनीतिक फैसला लेते हुए सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. संगठनों ने ऐलान किया है कि राजस्थान में आगामी नगर निकाय और पंचायत चुनाव में भाजपा का कड़ा विरोध किया जाएगा. सवर्ण समाज से जुड़े लोग भाजपा के किसी भी कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे और उनका पूर्ण बहिष्कार करेंगे.
11 फरवरी को विधानसभा घेराव की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि यह आंदोलन थमने वाला नहीं है. उन्होंने घोषणा की है कि 11 फरवरी के बाद किसी भी दिन प्रदेश भर के लोग एकजुट होकर राजस्थान विधानसभा का घेराव करेंगे. सवर्ण संगठनों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का हालिया फैसला केवल 'फौरी राहत' देने वाला है, जबकि उनकी मांग केंद्र सरकार से यूजीसी के नए कानून को पूरी तरह वापस लेने की है.
'नया कानून कतई बर्दाश्त नहीं'
करणी सेना के नेताओं ने हुंकार भरते हुए कहा, "केंद्र सरकार जब तक इस काले कानून को पूरी तरह वापस नहीं लेती, तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा. सवर्ण समाज इन नए नियमों को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा." संगठनों का आरोप है कि यह कानून उनके अधिकारों पर कुठाराघात है.
निष्कर्ष: जयपुर में हुई इस झड़प और चुनावों में बहिष्कार के ऐलान ने प्रदेश की सियासत में हलचल पैदा कर दी है. अब देखना यह है कि सरकार इस गतिरोध को तोड़ने के लिए क्या कदम उठाती है.

























