जयपुर में तेज आंधी बनी काल! पल भर में ढह गए मकान, उखड़ गए पेड़, 2 लोगों की दर्दनाक मौत
Jaipur News In Hindi: जयपुर में आए भीषण आंधी-तूफान ने शहर में भारी तबाही मचाई है. इस प्राकृतिक आपदा में दो लोगों की जान चली गई, जबकि करोड़ों रुपये की संपत्ति, किसानों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गईं.

राजस्थान की राजधानी जयपुर में मौसम ने ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि कुछ ही पलों में पूरा शहर दहशत में आ गया. अचानक उठी तेज रफ्तार आंधी और तूफान ने राजधानी में भारी तबाही मचाई है. कुदरत के इस तांडव ने जहां दो लोगों की जिंदगी छीन ली, वहीं करोड़ों रुपये की संपत्ति और किसानों की पसीने से सींची फसलें पूरी तरह तबाह कर दीं. शहर के कई इलाकों में पेड़, बिजली के खंभे और भारी-भरकम होर्डिंग्स ताश के पत्तों की तरह उखड़ गए.
तूफान की रफ्तार इतनी खौफनाक थी कि राह चलते लोग भी सुरक्षित नहीं रह सके. शहर में दो अलग-अलग दर्दनाक हादसों में दो लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी. हवाओं के झोंके से एक भारी-भरकम बिजली का पोल अचानक धराशायी हो गया. इसकी चपेट में आने से 50 वर्षीय रामजीलाल की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई. रामजीलाल पेशे से बिजली मिस्त्री थे.
पहाड़ी इलाके के पास आंधी के कारण एक बड़ा ग्रेनाइट का पत्थर अचानक खिसक कर नीचे आ गिरा. इसकी जद में आकर लगभग 65 साल के एक बुजुर्ग की जान चली गई. पुलिस फिलहाल मृतक की पहचान जुटाने में लगी है.
मलबे में दबी महिला की चीखें
तूफान की भयावहता जोरावर सिंह गेट के पास स्थित एक बस्ती में देखने को मिली. तेज आंधी के थपेड़ों से एक कच्चा मकान भरभरा कर गिर गया और एक महिला मलबे के नीचे दब गई. घटना के तुरंत बाद शुरू हुए रेस्क्यू ऑपरेशन का एक लाइव वीडियो सामने आया है, जो किसी के भी रोंगटे खड़े कर सकता है. वीडियो में खौफ से कांपती महिला मौत के साए में लगातार चीखती नजर आ रही है. काफी देर की जद्दोजहद और कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू टीम ने महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली.
सड़कों पर बिछी पेड़ों की कतारें, वाहनों के उड़े परखच्चे
शहर का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. आंधी के जोर से कई इलाकों में टिन शेड हवा में उड़ते नजर आए. मुख्य सड़कों और कॉलोनियों में विशालकाय पेड़ और बिजली के पोल गिर गए हैं. पार्किंग में खड़े दर्जनों वाहनों पर पेड़ गिरने से गाड़ियां बुरी तरह पिचक गई हैं. शुरुआती अनुमान के मुताबिक, शहरी इलाके में इस आपदा से करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है.
खेतों में पसरा मातम, किसानों का निवाला छिना
शहरी तबाही के साथ-साथ इस तूफान ने ग्रामीण इलाकों की कमर भी तोड़ दी है. खेतों में कटाई के लिए पूरी तरह से तैयार खड़ी फसलें इस अंधड़ की भेंट चढ़ गई हैं. किसानों की महीनों की मेहनत और पूंजी मिट्टी में मिल गई है, जिससे ग्रामीण अंचलों में भारी निराशा है. प्रशासन अब शहर और गांवों में हुए इस व्यापक नुकसान के आकलन में जुट गया है.
Source: IOCL
























