Rajasthan: राजस्थान से कांग्रेस के लिए अच्छी खबर! इस उपचुनाव में मिली जीत, तीसरे स्थान पर रही BJP
Jaipur Nagar Nigam By-Election: जयपुर नगर निगम हेरिटेज वार्ड 63 उपचुनाव में कांग्रेस की भानु सैनी ने 1358 वोट पाकर 59 वोटों से जीत दर्ज की. निर्दलीय सीमा मीणा दूसरे और बीजेपी तीसरे स्थान पर रही.

राजस्थान की राजधानी जयपुर के नगर निगम हेरिटेज क्षेत्र के वार्ड 63 में हुए उपचुनाव के नतीजे आ गए हैं. इस चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार भानु सैनी ने कड़ी टक्कर के बीच 59 वोटों से जीत दर्ज की. भानु सैनी को कुल 1358 वोट मिले.
इस उपचुनाव की सबसे खास बात यह रही कि मुकाबला त्रिकोणीय रहा. कांग्रेस से भानु सैनी, बीजेपी से रितु नंदवाना और निर्दलीय उम्मीदवार सीमा मीणा मैदान में थीं. सीमा मीणा, जो पूर्व पार्षद की पुत्रवधु हैं.
उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार होते हुए भी कांग्रेस को कड़ी चुनौती दी और मात्र 59 वोटों से हार गईं. उन्हें कुल 1299 वोट मिले. वहीं बीजेपी की रितु नंदवाना को 1062 वोटों पर संतोष करना पड़ा और वे तीसरे स्थान पर रहीं.
46.6 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का किया प्रयोग
जानकारी के अनुसार, चुनाव परिणामों से यह साफ झलकता है कि वार्ड 63 में मतदाता कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशी के बीच बंटे रहे है. यही वजह रही कि बीजेपी, जो सामान्यतः प्रमुख दावेदार मानी जाती है, इस बार तीसरे स्थान पर चली गई.
इसने स्थानीय स्तर पर पार्टी की रणनीति और जनाधार पर सवाल खड़े कर दिए हैं. वार्ड में कुल 8130 मतदाता पंजीकृत थे, जिनमें से 46.6 प्रतिशत लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. मतदान का यह प्रतिशत अपेक्षाकृत कम माना जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद चुनाव का परिणाम बेहद रोचक रहा.
उपचुनाव में भानु सैनी की जीत कांग्रेस को राहत
भानु सैनी की जीत कांग्रेस के लिए राहत की खबर है, खासकर उस समय जब प्रदेश की राजनीति में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहे हैं. हालांकि, यह जीत लंबे समय तक उनके लिए उपयोगी नहीं होगी क्योंकि नगर निगम हेरिटेज बोर्ड का कार्यकाल इसी साल नवंबर में खत्म हो रहा है. ऐसे में पार्षद पद पर उनका कार्यकाल कुछ ही महीनों का रहेगा.
मजबूत जनाधार साबित हुई मीणा
विश्लेषकों का मानना है कि निर्दलीय प्रत्याशी सीमा मीणा का प्रदर्शन इस उपचुनाव का सबसे अहम पहलू रहा. बिना किसी बड़ी पार्टी के समर्थन के उन्होंने मजबूत जनाधार साबित किया और कांग्रेस को कड़ी चुनौती दी. वहीं बीजेपी का तीसरे स्थान पर रहना, पार्टी के स्थानीय संगठन और उम्मीदवार चयन की कमियों को उजागर करता है.
कुल मिलाकर वार्ड 63 का उपचुनाव इस बार बेहद दिलचस्प रहा. कांग्रेस ने जीत हासिल की, निर्दलीय ने ताकत दिखाई और बीजेपी को अप्रत्याशित झटका लगा. यह नतीजा संकेत देता है कि स्थानीय राजनीति में अब स्वतंत्र उम्मीदवार भी निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं.
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Source: IOCL






















