जयपुर में 6 दिन से लापता बस ड्राइवर का शव मिला, 4 लाख रुपये का रहस्य
जयपुर में 6 दिन से लापार ड्राईवर महेश शर्मा का शव मिलने से हड़कंप मच गया है.परिजनों ने हत्या का अआरोप लगाते हुए थाने का घेराव किया है. पुलिस ने कार्रवाई की बात कह परिजनों को शांत किया.

राजस्थान के जयपुर में पिछले छह दिनों से लापता बस ड्राइवर का शव मिलने के बाद शनिवार रात जमकर हंगामा मचा. लोगों ने आधी रात को थाने का घेराव किया और पुलिस पर भी लापरवाही के आरोप लगाए. हालांकि आधी रात के वक्त अफसरों ने समझा बुझा कर लोगों को शांत कराया.
आज पोस्टमार्टम के बाद शव का अंतिम संस्कार किया जाना है. इसको लेकर स्थानीय पुलिस-प्रशासन सतर्क है और हर गतिविधि पर नजर रख रही है.
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क्या है पूरा मामला ?
दरअसल जयपुर के ब्रह्मपुरी इलाके का रहने वाला 35 साल का महेश शर्मा प्राइवेट बस चलाने का काम करता था. 11 अक्टूबर को भी वह सवारियों से भरी बस लेकर निकला था. उसके बाद से उसका मोबाइल फोन बंद बता रहा था. उसकी बस रामगढ़ मोड़ के पास खड़ी हुई मिली थी. कोई पता नहीं चलने पर परिवार वालों ने अगले दिन गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी.
16 अक्टूबर की शाम को उसका मोबाइल फोन ऑन हुआ और लोकेशन आमेर की पहाड़ियों के बीच पाई गई. 17 अक्टूबर यानी शनिवार को पुलिस ने सर्च ऑपरेशन चलाया और शाम के वक्त उसका टुकड़ों में पड़ा हुआ शव पहाड़ियों के बीच सुनसान जंगल से बरामद किया. शव के पास सल्फास का खाली पैकेट भी पड़ा हुआ था.
जहर खाकर जान देने की आशंका
आशंका जताई जा रही है कि उसने जहर खाकर खुद अपनी जान दे दी. शव पर कुछ जगहों पर जानवरों के काटे जाने का निशान बना हुआ था. बहरहाल औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस ने महेश शर्मा के शव को पोस्टमार्टम के लिए चीर घर भिजवा दिया था. इसके बाद देर रात परिवार और इलाके के लोग ब्रह्मपुरी थाने पहुंचे और वहां देर तक हंगामा किया.
परिवार को हत्या की आशंका
लोगों का आरोप था कि बस ड्राइवर महेश शर्मा की हत्या की गई है. इस मामले में पुलिस को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए. पुलिस अफसरों ने इस मामले में जांच के आधार पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है. पुलिस का कहना है कि यह पता लगाए जाने की कोशिश की जा रही है कि बस ड्राइवर महेश शर्मा ने खुदकुशी की या वह किसी साजिश का शिकार हुआ. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की वजह सामने आ सकती है.
परिवार के लोगों ने इस मामले में पुलिस पर बड़ी लापरवाही का आरोप लगाया है. साफ तौर पर कहा है कि अगर पुलिस एक्टिव होती तो महेश को बचाया जा सकता था. इस मामले में एक और जानकारी यह सामने आई है कि बस ड्राइवर महेश जिस दिन लापता हुआ उसे दिन उसने अपने बैंक अकाउंट से चार लाख रूपए निकाले थे. बैंक अकाउंट से चार लाख रूपए निकाले जाने की जानकारी ने इस मामले की गुत्थी को और उलझा दिया है. पुलिस अब आज शांतिपूर्वक तरीके से महेश का अंतिम संस्कार करवाने की कोशिश में है.
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