'बिना डिग्री कैसे बने आचार्य?' कांग्रेस MLA के सवाल पर भड़के बालमुकुंद, बताया 'मदरसा 'छाप'
Rajasthan Politics: बालमुकुंद आचार्य का कहना है कि अमीन कागजी की समझ में केवल मदरसा आता है, उन्हें आचार्य और सनातन धर्म पर सवाल उठाने का कोई अधिकार नहीं है.

जयपुर में बीजेपी और कांग्रेस के दो विधायकों के बीच विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहा है. बीते दिनों एक निर्माण कार्य को लेकर उपजे विवाद के बाद से दोनों आमने सामने हैं. कांग्रेस विधायक अमीन कागजी ने विधायक बालमुकुंद आचार्य से सवाल किया कि बिना किसी डिग्री के वे 'आचार्य' कैसे बन गए? कांग्रेस विघायक ने दावा किया कि उनके पास कोई डिग्री नहीं है.
इसके जवाब में हवामहल विधायक बालमुकुंद आचार्य ने अमीन कागजी को 'मदरसा छाप' बता दिया. बीजेपी विधायक ने यह तक कह दिया कि 22 साल से अमीन कागजी उनके पास भविष्य जानने के लिए आते थे.
विधायक बालमुकुंद ने बताया कैसे बने 'आचार्य'
अमीन कागजी के सवाल पर बीजेपी विधायक बालमुकुंद ने बताया कि उन्हें 'आचार्य' की उपाधि कैसे मिली. उन्होंने कहा, "मैं रामानुज संप्रदाय के बालाजी धाम का पुजारी हूं. सेवक हूं और कथाएं करता हूं. हमारी परंपरा के अनुसार हम आचार्य परंपरा का निर्वहन कर रहे हैं. हमारे दो पद होते हैं. एक स्वामी और दूसरा आचार्य. प्रमुख स्वामी को महंत कहते हैं. मेरा पद स्वामी है, क्योंकि मैं हाथोज मंदिर का सेवादार हूं. मेरा नाम बालमुकुंद आचार्य है. आचार्य अलग से नहीं है, मेरे नाम में सम्मिलित है."
बालमुकुंद आचार्य ने आगे कहा, "मेरे यहां सनातन संस्कृति धर्म वाहक सत्संग के अनुष्ठान करते हैं. व्यास पीठ पर बैठते हैं. उसे व्यासपीठ भी बोलते हैं. आचार्य पीठ भी बोलते हैं. 35 साल से मंदिर में सेवा कर रहा हूं. पीढ़ियों से हम यह काम कर रहे हैं."
अमीन कागजी पर भड़के बालमुकुंद आचार्य
अमीन कागजी पर हमला बोलते हुए बीजेपी विधायक ने कहा, "जो मेरे आचार्य होने पर सवाल उठा रहे हैं, वो मेरे पास अपना भविष्य जानने आया करते थे. वो मदरसा छाप हैं. जो मेरी सनातन संस्कृति के बारे में नहीं जानता उसे सवाल करने का अधिकार नहीं है."
'सनातन का अपमान करना कांग्रेस का स्वभाव'
बीजेपी विधायक ने आगे कहा, "वो मेरा अपमान करें, सनातन का अपमान करें, तिलक का अपमान करें, मुझे जान से मारने की धमकी दें, अवैध मस्जिद बनाना चाहें ओर मैं बोलूं नहीं, यह तो संभव नहीं है. वह अगर अवैध काम करेंगे तो मैं बोलता रहूंगा. सनातन संस्कृति का अपमान करना कांग्रेस का लगातार स्वभाव रहा है. वह किसी यूनिवर्सिटी की बात कर रहे हैं. वह आचार्य की डिग्री अलग होती है ये आचार्य अलग है. उनकी समझ में केवल मदरसा आना है, वही आएगा."
Source: IOCL


























