Rajasthan Election 2023: भरतपुर पहुंचे बीजेपी संगठन महामंत्री चंद्रशेखर की मैराथन बैठक, विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर की चर्चा
Rajasthan Assembly Election: राजस्थान विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा करने के लिए भरतपुर में संगठन महामंत्री चंद्रशेखर ने ताबड़तोड़ बैठक ली. शाम 6 बजे विस्तारकों के साथ भी बैठक प्रस्तावित थी.

Rajasthan Assembly Election 2023: राजस्थान विधानसभा चुनाव को देखते हुए बीजेपी सक्रिय हो गई है. भरतपुर पहुंचे संगठन महामंत्री चंद्रशेखर ने शुक्रवार (10 मार्च) को मैराथन बैठक ली. बैठक में चुनावी तैयारियों पर चर्चा की गई. जिला कार्यकर्ताओं की बैठक के बाद जनप्रतिनिधियों की बैठक बुलाई गई. बैठक में जिलाध्यक्ष, पूर्व जिलाध्यक्ष, सांसद, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक, नगर निकाय अध्यक्ष, जिला प्रमुख एवं प्रधान के साथ बैठक की गई. उसके बाद वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के साथ संवाद भी किया गया. शाम 6 बजे विस्तारकों के साथ भी बैठक प्रस्तावित थी. बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच ने बताया कि 2023 में राजस्थान विधानसभा का चुनाव होना है. चुनावी तैयारियों पर आज सुबह से ही ताबड़तोड़ बैठक की गई. बैठक में बूथ समिति और पन्ना प्रमुख नियुक्ति अभियान की समीक्षा की गई. उन्होंने बताया कि 16 मार्च को होनेवाली बीजेपी के प्रदर्शन पर चर्चा हुई.
16 मार्च को BJP ने बनाई घेराव कार्यक्रम की रणनीति
मुकेश दाधीच ने कांग्रेस की सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि राजस्थान में न कार्य है न सरकार, चारों तरफ भ्रष्टाचार है. राजस्थान में पेपर लीक का सरगना भरतपुर में है. उन्होंने पेपर लीक की जांच सीबीआई से कराने की मांग की. मुकेश दाधीच ने कहा है कि छोटे मगरमच्छों को पकड़ कर बच्चों के साथ न्याय नहीं किया जा सकता. 70 लाख बच्चों के भविष्य का सवाल है. 16 मार्च को प्रस्तावित घेराव कार्यक्रम पर आज की बैठक में आवश्यक दिशा निर्देश कार्यकर्ताओं को दिए गए हैं.
भरतपुर में कब होगी कांग्रेस जिलाध्यक्ष की नियुक्ति?
बीजेपी जिलाध्यक्ष ने बताया कि लगभग 15000 कार्यकर्ता और 300 से 400 ट्रैक्टर 16 मार्च को कुम्हेर गेट से रैली निकालते हुए कलेक्ट्रेट का घेराव करेंगे. कलेक्ट्रेट घेराव के लिए कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है. विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी भरतपुर में सक्रिय है. कांग्रेस की निष्क्रियता का आलम है कि अभी तक जिलाध्यक्ष की नियुक्ति भी नहीं हो पाई है. बीजेपी ने बूथ स्तर तक कार्यकर्ता नियुक्त कर दिया है. कांग्रेस का जिलाध्यक्ष नहीं बनाने के पीछे सचिन पायलट और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच कुर्सी की लड़ाई बताया जा रहा है. सवाल पैदा हो रहा है कि जिलाध्यक्ष के बिना संगठन में कार्यकर्ता कैसे जुड़ेंगे. 2018 में बीजेपी का भरतपुर संभाग से पत्ता काटने वाली कांग्रेस क्या पूर्वी राजस्थान का गढ़ बचा पायेगी.
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