Bharatpur News: भरतपुर के NCR में शामिल होने से हुआ नुकसान! बंद हो गई इंडस्ट्रीज
Rajasthan News: राजस्थान के दो जिले भरतपुर और अलवर एनसीआर (NCR) क्षेत्र में आते हैं. इस वजह से एनसीआर क्षेत्र में लगने वाली पबंदियों को भी इन जिलों को झेलना पड़ता है.

Bharatpur NCR News: राजस्थान के भरतपुर जिले को 1 जुलाई 2013 को एनसीआर (NCR) में शामिल किया गया था. एनसीआर में भरतपुर के साथ-साथ हरियाणा (Haryana) के दो जिलों भिवाड़ी (Bhiwadi) और महेन्द्रगढ़ (Mahendragarh) को भी शामिल किया गया था. फिलहाल एनसीआर में हरियाणा, उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) और राजस्थान के कुल 19 जिले शामिल हैं.
राजस्थान के दो जिले अलवर और भरतपुर जिले का कुल 13 हजार 446 वर्ग किमी क्षेत्र एनसीआर का हिस्सा माना जाता है. इसमें अलवर जिले का 8 हजार 380 वर्ग किमी और भरतपुर का 5 हजार 66 वर्ग किमी क्षेत्र एनसीआर में शामिल है.
भरतपुर जिले को NCR से पाबंदियों के अलावा कुछ नहीं मिला
नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड द्वारा एनसीआर क्षेत्र के लिए गाइडलाइन जारी की जाती है, उसी के अनुरूप जिले का प्रशासन व्यवस्था करता है. राजस्थान के दो जिले हैं अलवर और भरतपुर जहां एनसीआर में वाहनों के लिए बनाये गए नियम लागू होते हैं.
एनसीआर के वाहनों के नियम के तहत 15 साल ही वाहन को चला सकते हैं उसके बाद वहां का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा. हालांकि अलवर और भरतपुर को छोड़कर राजस्थान के अन्य जिलों में 15 साल के बाद 5 साल के लिए रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है.
NCR में डीजल के जनरेटर सैट भी नहीं चला सकते
नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड की गाइडलाइन के अनुसार सीएक्यूएम ने 8 फरवरी 2022 को एक आदेश जारी किया था. इसमें कहा गया था कि सर्दियों में बढ़ने वाले प्रदूषण को देखते हुए 1 अक्टूबर 2022 से एनसीआर क्षेत्र में डीजल से चलने वाले जनरेटर सैट का उपयोग अवैध माना जाएगा.
क्या कहना है व्यापारियों का
भरतपुर व्यापार महासंघ के जिला अध्यक्ष संजीव गुप्ता ने बताया कि भरतपुर जिले को एनसीआर में शामिल होने का कोई फायदा नहीं मिला. भरतपुर में रहने वाले लोगों को बंदिशों का सामना करना पड़ रहा है. अध्यक्ष संजीव गुप्ता ने बताया कि भरतपुर के एनसीआर में शामिल होने से इंडस्ट्रीज बंद हो गई. यहां अब एनसीआर की गाइडलाइन से ही इंडस्ट्रीज लग सकती है.
डीजल के जनरेटर सैट भी बंद कर दिए गए, ईंट के भट्टे भी बंद हैं. उन्होंने कहा कि भरतपुर का डेवलपमेंट बंद हो गया. एनसीआर के हिसाब से रेलवे स्टेशन का कोई विकास नहीं हुआ और टूरिज्म क्षेत्र में भी एनसीआर के तहत कोई विकास नजर नहीं आ रहा. उनका कहना है कि भरतपुर जिले को एनसीआर में शामिल होने से सिर्फ बंदिशे ही मिली है.
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Source: IOCL






















