भरतपुर: कोर्ट में सरेंडर करने आया आरोपी, जेल भेजे जाने की भनक लगते ही हुआ फरार
Bharatpur News: भरतपुर न्यायालय में एक आरोपी, सुरेंद्र उर्फ बबला, सरेंडर करने आया था. मजिस्ट्रेट के जेल भेजने के आदेश से घबराकर वह कटघरे से भाग गया. आरोपी पर एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज है.

राजस्थान के भरतपुर जिला न्यायालय परिसर में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक आरोपी सरेंडर करने आया और मजिस्ट्रेट के आदेश पर जेल भेजे जाने की भनक लगते ही कटघरे से चकमा देकर फरार हो गया.
जानकारी के अनुसार विशिष्ट न्यायालय (एससी/एसटी निवारण) भरतपुर में न्यायिक प्रक्रिया के दौरान आरोपी के भाग जाने से कुछ देर के लिए अदालत परिसर में अफरा-तफरी मच गई. घटना मंगलवार (4 नवंबर) शाम की बताई जा रही है. जिसकी जानकारी मीडिया में बुधवार(4 नवंबर) को तब सामने आई. जब न्यायालय के पेशगार (रीडर) अशोक कुमार ने थाने में आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई.
आत्मसमर्पण करने पहुंचा था न्यायालय
शिकायत दर्ज कराते हुए रीडर ने बताया है कि आरोपी सुरेन्द्र उर्फ बबला पुत्र दीपचंद निवासी चीखरू, थाना सदर बयाना, जिला भरतपुर अपने खिलाफ दर्ज मामले में आत्मसमर्पण करने न्यायालय पहुंचा था. मजिस्ट्रेट ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में लेने का आदेश दिया और चालानी गार्ड को बुलाने के लिए कहा. इसी बीच आरोपी को जब यह समझ आया कि उसे अब जेल भेजा जा रहा है, तो उसने मौके का फायदा उठाया और वहां मौजूद लोगों को चकमा देकर फरार हो गया. जिसकी न्यायालय के आदेश पर पेशकार अशोक कुमार ने थाना मथुरा गेट में आरोपी के खिलाफ फरारी का मामला दर्ज कराया.
क्या कहना है पुलिस अधिकारी का
सीओ सिटी पंकज यादव ने बताया कि फरार हुआ आरोपी मारपीट के एक पुराने मामले में वांछित था, जिस पर एससी-एसटी एक्ट भी लगा था. उसकी जमानत याचिका हाईकोर्ट से खारिज हो चुकी थी, जिसके बाद वह मंगलवार को आत्मसमर्पण करने न्यायालय पहुंचा था. जैसे ही मजिस्ट्रेट ने आदेश दिया कि उसे जेल भेजा जाए, आरोपी को इसका आभास हो गया और उसने मौका देखकर भाग गया. सीओ सिटी पंकज यादव ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीम गठित की गई है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है. जल्दी ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जायेगा.
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