अशोक गहलोत का BJP पर हमला, 'बिना विपक्ष लोकतंत्र की कल्पना नहीं की जा सकती'
Rajasthan Politics: अशोक गहलोत ने राजस्थान की BJP सरकार और केंद्र पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने PM मोदी के अजमेर दौरे पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि कांग्रेस के बनाए कॉलेज को मोदी अपना बता रहे हैं.

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विधानसभा की कार्यवाही और विधायक दल की बैठक में शामिल होने के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए राज्य की बीजेपी सरकार और केंद्र पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी अजमेर दौरे, प्रदेश की चरमराती कानून-व्यवस्था और लोकतंत्र की स्थिति को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अजमेर दौरे को लेकर पूर्व सीएम गहलोत ने बड़ा दावा किया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अजमेर में जिन 19 कॉलेजों का उद्घाटन करने आ रहे हैं, उनमें से 18 कॉलेज कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में बनाए गए थे. गहलोत ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार '2 साल बनाम 5 साल' के नाम पर केवल जनता को गुमराह कर रही है और अधिकतर कांग्रेस शासन के दौरान हुए कामों को ही अपना बताकर गिना रही है.
कानून-व्यवस्था और अटके प्रोजेक्ट्स पर घेरा
प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर चिंता जताते हुए गहलोत ने कहा कि राज्य में लूट, डकैती और हत्या जैसी वारदातें आम हो गई हैं, लेकिन सरकार सदन में इस पर चर्चा करने से बच रही है. इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी सरकार पर जनहित के प्रोजेक्ट्स अटकाने का आरोप लगाया. उन्होंने 'कोचिंग हब' का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने शहर को ट्रैफिक जाम से बचाने के लिए कोचिंग हब बनाया था, लेकिन मौजूदा सरकार ने अब तक कोचिंग संस्थानों को वहां शिफ्ट नहीं किया है, जिससे शहर में जाम की स्थिति बनी हुई है.
'चीन और रूस जैसे बन रहे देश के हालात'
टोंक से बीजेपी के पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया द्वारा एक मुस्लिम महिला से कंबल वापस लेने के विवादित मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए गहलोत ने इसे बीजेपी की 'मानसिकता' करार दिया. उन्होंने देश की वर्तमान स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा कि भारत अब चीन और रूस जैसे हालात की ओर बढ़ रहा है और यहां लोकतंत्र को खत्म किया जा रहा है.
गहलोत ने केंद्र सरकार पर चुनाव आयोग (EC), न्यायपालिका और ब्यूरोक्रेसी को दबाव में रखने का भी आरोप लगाया. बीजेपी के 'विपक्ष मुक्त भारत' के नारे पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि बिना विपक्ष के लोकतंत्र की कल्पना नहीं की जा सकती; विपक्ष राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी हो सकता है, लेकिन दुश्मन नहीं.
Source: IOCL




























