कागजों से खेतों तक पहुंचे राहत! बजट 2026 को लेकर पंजाब के किसानों की है बड़ी मांग
Union Budget 2026: बजट से पहले पंजाब के छोटे किसानों ने कर्ज माफी, बेहतर MSP के जमीनी क्रियान्वयन की मांग उठाई. किसानों का कहना है कि सरकार की नीतियां कागजों तक सीमित न रहें.

संसद में बजट 2026 पेश होने से पहले पंजाब के छोटे किसानों ने केंद्र की बीजेपी सरकार से सीधे तौर पर राहत की मांग की है. पंजाब के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले किसानों ने कहा कि वे कर्ज के बोझ तले दबे हैं और उनकी हालत जमीनी स्तर पर बेहद खराब है. किसानों ने बजट से पहले यह मांग उठाई कि नीतियां सिर्फ कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि गांवों तक वास्तविक रूप से लागू हों.
क्या है उनकी मुख्य मांगे?
पंजाब के किसानों का कहना है कि सरकार की ओर से बनाई गई सब्सिडी और कल्याणकारी योजनाएं अक्सर रास्ते में ही अटक जाती हैं. किसानों ने स्पष्ट किया कि छोटी जोत वाले किसान सबसे ज्यादा प्रभावित हैं और उन्हें तुरंत सहारे की जरूरत है.
उनकी मांगे है कि सब्सिडी का सीधा लाभ ग्राउंड लेवल तक पहुंचे, सरकार की हर योजना का प्रभावी इंप्लीमेंटेशन हो. ऐसा न हो कि योजनाएं कागजों में रहें और किसान भूखे रहें. किसानों ने कहा कि इस समय पंजाब में गरीब किसान वर्ग की हालत बेहद खराब है और बजट में उनके लिए विशेष राहत का प्रावधान होना चाहिए.
शिक्षा, स्वास्थ्य और गांवों के लिए मांगें
किसानों ने आयुष्मान भारत योजना का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे 5 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सुरक्षा दी गई, उसी तरह शिक्षा और कृषि क्षेत्र के लिए भी ठोस योजनाएं लाई जानी चाहिए. उनका फोकस खासतौर पर छोटे किसानों और छोटे व्यापारियों पर होना चाहिए.
ग्रामीण विकास से जुड़ी मांगें है कि गांवों की सड़कों की हर 5 साल में अनिवार्य मरम्मत हो. गांवों में भी शहरों जैसी बुनियादी सुविधाएं हो. स्पेशल पैकेज के तहत गांवों को आर्थिक और सामाजिक रूप से ऊपर उठाया जाए. एएनआई के अनुसार, किसानों ने दोहराया कि सरकार के काम सिर्फ घोषणाओं तक सीमित न रहें, बल्कि जमीनी स्तर पर दिखने चाहिए.
दूसरे किसान गुरविंदर सिंह ने कहा कि बजट हर साल पेश होता है, लेकिन उसका असली फायदा न तो किसानों तक पहुंचता है और न ही गरीब वर्ग तक. उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकतर बजट का लाभ अमीरों तक सीमित रह जाता है. गुरविंदर सिंह ने मांग की कि बजट के बाद गरीब किसानों का कर्ज माफ किया जाए और उनकी फसलों का उचित दाम सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने यह भी कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य बहुत कम तय किया गया है और पंजाब के लिए हर साल एक स्पेशल पैकेज दिया जाना चाहिए.
























