Punjab: होशियारपुर में खेलते हुए 70 फीट गहरे बोरवेल में गिरा 4 साल का बच्चा... रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
Hoshiarpur Road Incident: पंजाब के होशियारपुर के चक समाना गांव में 4 साल का गुरकरन सिंह खेलते समय लगभग 70 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया, जिसके बाद पुलिस और रेस्क्यू टीम ने बचाव अभियान शुरू किया.

Punjab Borewell Rescue Case: पंजाब के होशियारपुर-दसूहा रोड पर भीखोवाल के पास गांव चक समाना में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां 4 साल का बच्चा गहरे बोरवेल में गिर गया. घटना के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया और लोग तुरंत मौके पर इकट्ठा हो गए. इसके बाद लोगों ने बच्चे को बचाने की पूरी कोशिश शुरू कर दी और पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलने पर पुलिस और रेस्क्यू टीमें भी मौके पर पहुंच गईं.
मिली जानकारी के अनुसार, गुरकरन सिंह (4) पुत्र रविंदर सिंह वासी गांव चक समाना अपने घर के पास खेल रहा था. इस दौरान वह अचानक नए खोदे गए बोरवेल के गड्ढे में गिर गया और करीब 70 फीट गहराई में फंस गया. बच्चे के गिरने की खबर फैलते ही परिवार और ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई.
रेस्क्यू टीमों ने शुरू किया बड़ा ऑपरेशन
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया. मौके पर कई जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं ताकि खुदाई कर बच्चे तक पहुंचा जा सके.इस घटना में एसएसपी संदीप कुमार मलिक खुद मौके पर पहुंच गए हैं. इसके साथ ही डॉक्टरों की टीम, एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, एसडीआरएफ और अन्य रेस्क्यू टीमें भी मौके पर मौजूद हैं. प्रशासन ने एनडीआरएफ की टीम को भी बुलाया है.
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अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू में कोई दिक्कत न आए, इसके लिए लाइटें और अन्य जरूरी इंतजाम भी किए गए हैं. वरिष्ठ अधिकारी भी लगातार मौके पर निगरानी कर रहे हैं और पूरे ऑपरेशन की कमान खुद संभाल रहे हैं.
बच्चे की सुरक्षा को लेकर उम्मीदें
ग्रामीणों के अनुसार, बच्चा नीचे गिरने के बाद हल्की हरकत कर रहा था, जिससे उम्मीद जताई जा रही है कि बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा. इसी उम्मीद के साथ समाजसेवी संस्था बाबा दीप सिंह सेवा दल के प्रमुख भाई मनजोत सिंह तलवंडी की टीम भी प्रशासन के साथ मिलकर बचाव कार्य में जुटी हुई है. फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है.
जानकारी के मुताबिक, बच्चा एक पंजाबी परिवार से संबंधित है, जो खेतों में घर बनाकर वहीं रह रहा था. स्थानीय समाजसेवी संस्थाएं भी प्रशासन के साथ मिलकर बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद कर रही हैं. फिलहाल पूरा ध्यान बच्चे को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालने पर केंद्रित है.
Source: IOCL























