पंजाब में ड्राइविंग लाइसेंस घोटाले में भगवंत मान सरकार ने लिया एक्शन, विजिलेंस प्रमुख सस्पेंड
Punjab News: पंजाब में ड्राइविंग लाइसेंस घोटाले में विजिलेंस चीफ SPS परमार के साथ एक AIG और SSP विजिलेंस पर भी कार्रवाई की गई है. परमार 1997 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं.

Punjab Driving License Scam: पंजाब में ड्राइविंग लाइसेंस घोटाले में बड़ी कार्रवाई हुई है. भगवंत मान की सरकार ने एक्शन लेते हुए विजिलेंस ब्यूरो चीफ SPS परमार को सस्पेंड कर दिया है. विजिलेंस चीफ के साथ एक AIG और SSP विजिलेंस पर भी कार्रवाई हुई है. SSP विजिलेंस ब्यूरो स्वर्णदीप सिंह और AIG विजिलेंस ब्यूरो हरप्रीत सिंह को परमार के साथ सस्पेंड किया गया है. लाइसेंस घोटाले में कार्रवाई रोकने की कोशिश का आरोप है.
एसपीएस परमार 1997 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. उन्हें हाल ही में 26 मार्च को विजिलेंस चीफ के तौर पर नियुक्त किया गया था. उससे पहले वो एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर थे. बताया जा रहा है कि ड्राइविंग लाइसेंस घोटाले की जांच में इन अधिकारियों की भूमिका संदेह के घेरे में थी, जिसके बाद सरकार ने गंभीरत दिखाते हुए इसे लेकर एक्शन लेने का निर्णय लिया.
लापरवाही और कर्तव्य में चूक को लेकर अफसरों पर कार्रवाई
सरकारी आदेश के अनुसार एसपीएम परमार को ऑल इंडिया सर्विसेज (डिसिप्लिन एंड अपील) रूल्स, 1969 के तहत गंभीर लापरवाही और कर्तव्य में चूक के लिए सस्पेंड किया गया है. आरोप है कि घोटाले में शामिल आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई और मामले को दबाने का प्रयास किया. इस घोटाले को लेकर विजिलेंस ब्यूरो ने कुछ दिन पहले प्रदेश भर के आरटीए दफ्तरों और ड्राइविंग टेस्ट सेंटर्स पर रेड डाली थी, जिसमें कई लोगों को हिरासत में लिया गया था.
सीएम भगवंत मान का अधिकारियों को संदेश
रिश्वतखोरी और अन्य खामियों को लेकर 24 व्यक्तियों को पकड़ा गया था. जांच में ये बात सामने आई है कि कुछ आरटीए अधिकारी और एजेंट गैरकानूनी तरीकों से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने और टेस्ट में धांधली कराने के लिए मोटी रकम वसूलते थे. उधर, पंजाब के सीएम भगवंत मान ने सीनियर अफसरों को साफ संदेश दिया है कि जो भी भ्रष्टाचारियों को बचाने की कोशिश करेगा, उसे छोड़ा नहीं जाएगा.
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