पहलगाम हमले को लेकर काफी गुुस्से में ये पाकिस्तानी बुजुर्ग महिला, भारत से लौटते हुए बोलीं- 'जिसने भी यह काम किया, उन्हें...'
Pahalagam Terror Attack: पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तानियों को भारत छोड़ने के लिए कहा गया. इसके बाद लगातार पाकिस्तानी नागरिक भारत से अपने देश लौट रहे हैं और उनमें आतंकियों के खिलाफ गुस्सा भी दिख रहा है.

Kashmir Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोड़ने का अल्टीमेटम दिया. इसके बाद पाकिस्तानी नागरिकों को अपनी यात्रा बीच में ही समाप्त करनी पड़ी और उन्हें वापस अपने देश लौटना पड़ रहा है. इसी बीच, एक पाकिस्तानी बुजुर्ग महिला का बयान भी सामने आया है, जिसने इस हमले को लेकर काफी गुस्सा जाहिर किया.
महिला कराची की रहने वाली हैं और दिल्ली अपने भतीजे से मिलने आई थीं. उन्होंने न्यूज एजेंसी 'एएनआई' से बातचीत में कहा कि वे यहां पिछले दो महीने से थीं, लेकिन अब उन्हें भारत सरकार ने वापस भेजने का फैसला लिया है. महिला ने पहलगाम हमले को लेकर गहरी निराशा जताई और कहा, "यह बहुत गलत हुआ है और इसलिए हम चुप हो गए थे. जिसने भी यह गलत काम किया है, उन्हें सजा मिलनी चाहिए. तभी उन्हें समझ में आएगा कि ऐसा करने का क्या परिणाम होता है." उन्होंने धर्म के नाम पर आतंकवाद फैलाने वालों की भी आलोचना की और इसे गलत बताया.
महिला के भतीजे, मो. आरिफ, जो दिल्ली में रहते हैं और पंजाब अटारी-वाघा बॉर्डर पर उन्हें छोड़ने आए थे, ने भी पहलगाम हमले को गलत करार दिया. उन्होंने कहा, "पहलगाम हमला बहुत गलत हुआ है. इंसानियत सबसे पहले है, धर्म बाद में. हम इस हमले के खिलाफ हैं. जिनके परिवार के लोग मारे गए, उनसे पूछो कि उन पर क्या गुजर रही है." उन्होंने यह भी कहा कि इस हमले के कारण न केवल पाकिस्तान से भारत आए लोग परेशान हैं, बल्कि पाकिस्तान से वापस जाने वाले भारतीय नागरिकों को भी अब दिक्कत हो रही है. इससे इंसानियत का ही नुकसान हुआ है.
पाकिस्तानी हिंदू भी हैं परेशान
इस बीच, पाकिस्तान में रहने वाले कुछ हिंदू परिवार भी इस फैसले से प्रभावित हुए हैं और उन्हें वापस पाकिस्तान लौटने का दबाव महसूस हो रहा है. बाग सिंह, जिनके मामा, मामी और बेटे पाकिस्तान में रहते हैं, ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, "पहलगाम हमला बहुत गलत था और भारत सरकार ने जो फैसला लिया, वह सही है. हालांकि, मेरे परिवार के सदस्य 45 दिन बाद लौटने वाले थे, लेकिन अब उन्हें जल्दी जाना पड़ा है. कोई बात नहीं, हम सभी इस स्थिति को समझते हैं."
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Source: IOCL























