पाकिस्तानी पादरी से ऑनलाइन इश्क में हुई इतनी पागल, बेटे को होटल में छोड़ पार की सरहद, चौंका देगी पूरी कहानी
Sunita Jamgade News: नागपुर की 43 वर्षीय सुनीता जामगडे ऑनलाइन पाकिस्तानी पादरी के प्रेम में अपने बेटे को होटल में छोड़कर सरहद पार कर गई. पाकिस्तान में गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के बाद उसे भारत को सौंप दिया.

Sunita Jamgade Nagpur: महाराष्ट्र के नागपुर की 43 वर्षीय महिला सुनीता जामगडे का मामला इन दिनों चर्चा में है. सुनीता एक पाकिस्तानी पादरी के संपर्क में ऑनलाइन आई और उससे प्रेम करने लगी. बीते दिनों वह अपने 12 वर्षीय बेटे के साथ घूमने के बहाने लेह-लद्दाख पहुंच गई. 14 मई को सुनीता ने बेटे को होटल के कमरे में छोड़कर करगिल के सीमावर्ती गांव हुंदरमन से पाकिस्तान की सीमा लांघ दी.
वहां पाकिस्तानी रेंजर्स ने उसे गिरफ्तार कर लिया और पूछताछ के बाद उसे अटारी बॉर्डर पर बीएसएफ के हवाले कर दिया. अब सुनीता से बीएसएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं.
पहले भी पाकिस्तान जाने की कर चुकी है कोशिश- पुलिस
पुलिस सूत्रों के अनुसार, सुनीता ने पहले भी इस साल मार्च में अटारी-वाघा बॉर्डर से पाकिस्तान जाने की कोशिश की थी, लेकिन उस समय बीएसएफ ने उसे रोक लिया था. इस बार उसने लद्दाख के रास्ते सरहद पार करने की योजना बनाई, जिसमें वह सफल भी रही. करगिल पुलिस को जब सुनीता के लापता होने की खबर मिली, तो उन्होंने लुकआउट नोटिस जारी किया. बाद में जांच में सामने आया कि महिला का मकसद पाकिस्तान में एक पादरी से मिलना था.
ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट के तहत जीरो FIR दर्ज- पुलिस
घटना की जानकारी मिलने के बाद सुनीता के भाई सुनील जामगडे ने बताया कि उन्हें कारगिल पुलिस से अपनी बहन की गुमशुदगी की जानकारी मिली थी. इस मामले में नागपुर पुलिस पहले ही गुमशुदगी का मामला दर्ज कर चुकी थी. अब अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने सुनीता के खिलाफ ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट (OSA) के तहत जीरो एफआईआर दर्ज की है. कपिल नगर पुलिस स्टेशन, नागपुर ने पुष्टि की है कि अब इस मामले की आगे की जांच नागपुर पुलिस द्वारा की जाएगी.
सुनीता की पाकिस्तान यात्रा के पीछे की मंशा, उसकी मानसिक स्थिति और किसी संगठन से उसके संभावित संपर्क की जांच भी एजेंसियों द्वारा की जा रही है. पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों ने भारतीय डिप्लोमैट्स से संपर्क कर मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे भारत को सौंपा. अब नागपुर से एक पुलिस टीम अमृतसर रवाना हो चुकी है, जो सुनीता को लेकर लौटेगी और आगे की विस्तृत पूछताछ करेगी. यह मामला न सिर्फ सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक चेतावनी है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि डिजिटल माध्यमों के जरिए कैसे लोग संवेदनशील सीमाओं को पार करने के लिए प्रेरित हो सकते हैं.
Source: IOCL






















