Punjab: भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार IAS संजय पोपली को झटका, हाई कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका
IAS Officer Sanjay Popli: पंजाब की स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने 20 जून 2022 को वॉटर और सीवरे बोर्ड के सीईओ के रूप में टेंडर के आवंटन के बदले कथित रिश्वत मांगने के आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया था.

Sanjay Popli Bail Plea Rejected: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट (Punjab and Haryana high court) ने भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार IAS ऑफिसर संजय पोपली की जमानत याचिका सोमवार को खारिज कर दी. संजय पोपली (Sanjay Popli) ने 29 अगस्त को मोहाली कोर्ट (Mohali court) से जमानत याचिका रद्द होने के बाद 20 अक्टूबर को हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी, जिस पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने भी इसे रद्द कर दिया.
20 जून 2022 को विजिलेंस ने किया था गिरफ्तार
गौरतलब है कि 2008 बैच के आईएएस ऑफिसर पोपली को पंजाब की स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के एक मामले में 20 जून 2022 को गिरफ्तार किया था. तभी से वे जेल में हैं. उन्हें पंजाब के वॉटर और सीवरे बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में टेंडर के आवंटन से संबंधित एक मामले में कथित रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.
अपनी गिरफ्तारी को किया था चैलेंज
संजय पोपली ने हाईकोर्ट में दायर जमानत याचिका में अपनी गिरफ्तारी को अवैध बताया था. उन्होंने तर्क दिया था कि राज्य सतर्कता ब्यूरो को भ्रष्टाचार के आरोप में उन्हें गिरफ्तार करने का अधिकार ही नहीं है. इसके साथ ही आरोपी ने कोर्ट से कहा था कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17 ए के मुताबिक बिना केंद्र सरकार की अनुमति के किसी आईएएस अफसर को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता है.
ठेका देने के बदले रिश्वत मांगने का है आरोप
दरअसल, विजिलेंस ब्यूरो ने एक ठेकेदार संजय कुमार और बोर्ड के सहायक सचिव संदीप वत्स के उस बयान के बाद गिरफ्तार किया था, जिसमें उन्होंने पोपली पर टेंडर देने के बदले 1 प्रतिशत रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था. इस संबंध में 3.5 लाख रुपए पहले ही लेने का भी आरोप लगाया गया था. इसके साथ ही ठेकेदार ने सबूत के तौर पर एक वीडियो भी विजिलेंस ब्यूरो को सौंपा था, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था.
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Source: IOCL


























