'भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धा होता है तो...,' क्या कहते हैं अमृतसर में सरहद से सटे गांव के लोग?
Punjab News: पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव है. पंजाब के अमृतसर जिले के बार्डर के नजदीक के गांवों के लोग स्थिति को देख रहे हैं. गांव के बुजुर्गों ने पहले भी युद्ध देखे हैं.

Amritsar News: पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत पाकिस्तान के बीच तनाव की स्थिति है. इस बीच अमृतसर जिले के बार्डर के नजदीक के गांवों के लोग भी स्थिति को देख रहे हैं क्योंकि अगर युद्ध होता है तो सरहद के गांवों के लोग सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे.
सरहद के पास गांवों में स्थिति सामान्य है, मगर लोगों में इस बात को लेकर चर्चा है कि क्या युद्ध होगा या नहीं. अमृतसर के सरहद के साथ लगते गांव नेखटा में लोगों का कहना है कि युद्ध नहीं होना चाहिए मगर अगर होता है तो वे अपने गांवों में रहकर ही भारतीय सेना की मदद करेंगे.
गांव के रहने वाले शाबेग सिंह के मुताबिक गांव में कोई चिंता का माहौल नहीं हैं. गांव के बुजुर्गों ने पहले भी युद्ध देखे हैं. युद्ध होता है तो भी गांव के लोग यहां से नहीं जाएंगे और अपने घरों में ही रहेंगे.
उन्होंने कहा, "पहलगाम में जो कुछ हुआ वो बहुत गलत है. इसके जो दोषी हैं उन्हें इसकी सजा मिलनी चाहिए. गांव के लोग मौजूदा स्थिति को लेकर बिल्कुल भी चिंतित नहीं हैं और युद्ध की स्थिति में सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहेंगे".
वहीं गांव के ही बुजुर्ग कश्मीर सिंह, जो पूर्व फौजी हैं, उन्होंने कहा कि गांव वालों के लिए युद्ध कोई चिंता की बात नहीं है. वे 1971 की भारत पाकिस्तान जंग के साक्षी रहे हैं.
कश्मीर सिंह ने कहा, "ये सही है कि युद्ध की स्थिति में सबसे ज्यादा प्रभावित सीमा के नजदीक वाले गांवों के लोग ही होते हैं मगर पाकिस्तान जिस तरह की हरकतें करता है उसे सबक सिखाना जरूरी है. युद्ध की स्थिति में हम गांव के लोग पूरी तरह से सेना के साथ खड़े होंगे और उनकी मदद करेंगे".
वहीं गांव के सरपंच मनजिंदर सिंह का कहना है कि बतौर सरपंच वे युद्ध की स्थिति में गांव के लोगों का नेतृत्व करेंगे और हर संभव मदद सेना की करेंगे.
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