नोएडा, कानपुर, जोधपुर, सूरत, पुणे, जालंधर...इंडिया-EU डील से इन सेक्टर्स में बूस्ट! बढ़ेगा रोजगार
INDIA-EU डील से न सिर्फ बड़े कार्पोरेट घरानों बल्कि देश के अलग-अलग राज्यों में MSME यूनिट्स को भी लाभ मिलेगा. कई सेक्टर्स में बूस्ट के आसार हैं जिससे रोजगार बढ़ने के भी आसार हैं.

भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने लगभग दो दशकों की बातचीत के बाद एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को अंतिम रूप दिया. इससे भारत और यूरोप के बीच बाजार का रास्ता खुल गया. इस डील का असर राज्य-स्तरीय औद्योगिक क्लस्टर्स में दिखने की उम्मीद है. आइए हम आपको यूपी, पंजाब, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र के बारे में जानकारी देते हैं जहां इस डील के असर पड़ने के आसार हैं.
पंजाब को लुधियाना के निटवियर और गारमेंट्स उद्योग, जालंधर के खेल के सामान के निर्माण और मंडी गोविंदगढ़ की लाइट इंजीनियरिंग इकाइयों से फायदा होने की उम्मीद है.
राजस्थान में जयपुर के रत्न और आभूषण क्षेत्र से एक्सपोर्ट , जोधपुर के लकड़ी के फर्नीचर और हस्तशिल्प, पारंपरिक बंधेज टेक्सटाइल और चमड़े के उत्पाद का निर्यात बढ़ने के आसार हैं.
वहीं गुजरात में सूरत के टेक्सटाइल, डायमंड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री, भरूच और वडोदरा में केमिकल क्लस्टर, राजकोट में इंजीनियरिंग यूनिट्स, और वेरावल से समुद्री एक्सपोर्ट को काफी मदद मिलेगी.
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इसके साथ ही महाराष्ट्र के इचलकरंजी का टेक्सटाइल, पुणे के इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग, ठाणे-रायगढ़ क्षेत्र में फार्मास्युटिकल सेक्टर और मुंबई के रत्न और आभूषण व्यापार को सपोर्ट मिल सकता है.
उपरोक्त राज्यों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में भी इसका लाभ मिल सकता है. कानपुर और आगरा में चमड़े के उत्पाद, सहारनपुर से फर्नीचर और हस्तशिल्प, नोएडा में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन और पश्चिमी जिलों से कृषि एक्सपोर्ट पर सकारात्मक असर के आसार हैं.
INDIA-EU ट्रेड डील से बढ़ेंगे रोजगार!
इन सेक्टर्स में बूस्ट के साथ ही रोजगार बढ़ने के भी आसार है. न सिर्फ रोजगार बल्कि अमेरिकी टैरिफ के दबाव के चलते कई सेकटर्स जो बीते कुछ महीनों से मंदे धंधे का सामना कर रहे हैं, उनको भी लाभ हो सकता है.
Source: IOCL



























