ZP Result 2026: महाराष्ट्र में नेताओं को लगा झटका, किसी की बेटी तो किसी की भाभी हारीं
ZP Election Result 2026: परभणी जिले में पूर्व मंत्री सुरेश वरपूडकर ने अपने पांच रिश्तेदारों को जिला परिषद चुनाव के मैदान में उतारा था. लेकिन इनमें से चार को हार का सामना करना पड़ा

महाराष्ट्र में 12 जिला परिषदों और 125 पंचायत समितियों के चुनाव परिणाम सोमवार (09 फरवरी) को घोषित किए गए. इन नतीजों में कई जगहों पर बड़े नेताओं, उनके रिश्तेदारों और परिवार के सदस्यों को करारी हार का सामना करना पड़ा है. इससे यह साफ होता है कि जनता ने मतदान करते समय नेताओं को भी सबक सिखाया है. सोलापुर, परभणी, सातारा, सांगली, लातूर सहित कई जिलों में विधायक, सांसद और मंत्रियों के रिश्तेदारों की हार से नेताओं की किरकिरी हुई है.
खास बात यह है कि परभणी जिले में पूर्व मंत्री सुरेश वरपूडकर ने अपने पांच रिश्तेदारों को जिला परिषद चुनाव के मैदान में उतारा था. लेकिन इनमें से चार को हार का सामना करना पड़ा, जबकि उनका एक भतीजा कांग्रेस के टिकट पर विजयी हुआ. वहीं मंत्री जयकुमार गोरे के परिवार के सदस्यों को भी हार झेलनी पड़ी है.
सोलापुर के पालकमंत्री जयकुमार गोरे को झटका
भाजपा नेता और सोलापुर के पालकमंत्री जयकुमार गोरे को सातारा जिले में जिला परिषद चुनाव में दो बड़े झटके लगे. जयकुमार गोरे के भाई अरुण गोरे को मान तालुका के कुकुडवाड गट से हार का सामना करना पड़ा, जहां राष्ट्रवादी कांग्रेस के अनिल देसाई विजयी हुए. वहीं औंध गट में भी मंत्री जयकुमार गोरे के भाई अंकुश गोरे की पत्नी भारती गोरे को 40 मतों से हार मिली. यहां राष्ट्रवादी कांग्रेस की मनीषा फडतरे विजयी रहीं.
लातूर में बीजेपी की सरिता भिसे को मिली हार
भाजपा नेता और पूर्व विधायक त्र्यंबक भिसे को भी बड़ा झटका लगा. लातूर ज़िले के कामखेडा ज़िला परिषद गट से कांग्रेस की आशाताई भिसे विजयी हुईं, जबकि भाजपा की सरिता भिसे को हार का सामना करना पड़ा. सरिता भिसे, पूर्व विधायक त्र्यंबक भिसे की भाभी हैं. त्र्यंबक भिसे हाल ही में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे.
माथाड़ी कामगार संगठन के नेता नरेंद्र पाटील की पत्नी को हार का सामना करना पड़ा. शिवसेना की 22 वर्षीय मृणाल महेश पाटील ने उन्हें हराया. मृणाल पाटील ज़िले की सबसे कम उम्र की ज़िला परिषद सदस्य बनी हैं. वहीं मंत्री शंभूराजे अपने गढ़ को बचाने में सफल रहे.
बीजेपी के पूर्व सांसद सुधाकर शृंगारे की बेटी को भी मिली हार
लातूर ज़िले में भाजपा के पूर्व सांसद सुधाकर शृंगारे की बेटी को भी हार मिली. रोहिणा ज़िला परिषद गट से सुप्रिया शृंगारे पायाल पराजित हुईं, जबकि राष्ट्रवादी कांग्रेस की उषा कांबळे विजयी रहीं.
दिनकर माने को भी चुनाव में झटका
पूर्व विधायक दिनकर माने को भी चुनाव परिणामों में झटका लगा. आशिव ज़िला परिषद गट से भाजपा की सदिच्छा विनोद माने को कांग्रेस की वनिता माने ने 595 मतों से हराया. हाल ही में शिवसेना से भाजपा में आए दिनकर माने के लिए यह बड़ा झटका माना जा रहा है.
सुरेश वरपूडकर की बेटी को भी मिली हार
सुरेश वरपूडकर की बेटी सोनल देशमुख झरी ज़िला परिषद गट से मशाल चुनाव चिन्ह पर मैदान में थीं, लेकिन उन्हें भाजपा के उम्मीदवार दिलीप देशमुख ने हरा दिया. उनके बेटे समशेर वरपूडकर को शिंगणापुर गट से पांडुरंग खिल्लारे ने हराया. वहीं उनकी बहू प्रेरणा वरपूडकर को दैठणा गट से कांग्रेस की ज्योत्स्ना गणेश घाडगे ने पराजित किया. इस तरह वरपूडकर परिवार के तीनों उम्मीदवार हार गए.
मोहोळ में कुरुल ज़िला परिषद गट से राष्ट्रवादी के ज़िला अध्यक्ष उमेश पाटील खुद उम्मीदवार थे, लेकिन उन्हें हार मिली. वहीं नरखेड गट से उनके भाई संतोष पाटील भी पराजित हुए.
विजयी रिश्तेदार
राज्य के सहकार मंत्री बाबासाहेब पाटील के पुत्र सूरज पाटील ने पंचायत समिति चुनाव में जीत दर्ज की है. सांगली ज़िले में रयत क्रांति संगठन के प्रमुख विधायक सदाभाऊ खोत की बहू मोहिनी खोत बागणी ज़िला परिषद से विजयी हुई हैं. वहीं विधायक अब्दुल सत्तार के पुत्र अब्दुल आमेर अंभई गट से करीब 3,435 मतों से विजयी हुए. उन्होंने भाजपा के त्र्यंबक मारोती गव्हाणे को हराया.
निंबवडे जिला परिषद गट से BJP की माधवी पडलकर विजयी
सांगली के आटपाडी तालुका के निंबवडे ज़िला परिषद गट से भाजपा की माधवी पडलकर विजयी हुईं. उन्होंने शिंदे गुट की शिवसेना उम्मीदवार विद्या मोटे को 980 मतों से हराया. माधवी पडळकर भाजपा विधायक गोपीचंद पडळकर की भाभी और पूर्व ज़िला परिषद सभापति ब्रह्मानंद पडळकर की पत्नी हैं. सोलापुर ज़िले में सांगोला पंचायत समिति पर पूर्व विधायक शहाजीबापू पाटील की बहू विजयी हुईं. इस मौके पर शहाजीबापू पाटील भावुक हो गए.
बीजेपी विधायक सचिन कल्याणशेट्टी की पत्नी विजयी
अक्कलकोट तालुका के चपळगांव ज़िला परिषद गट से भाजपा विधायक सचिन कल्याणशेट्टी की पत्नी शांभवी कल्याणशेट्टी विजयी हुईं. वहीं चपळगांव पंचायत गण से उनके भाई सागर कल्याणशेट्टी भी जीते. तोलनूर पंचायत गण से पूर्व मंत्री सिद्धाराम म्हेत्रे की बेटी शीतल म्हेत्रे विजयी हुईं, जबकि सलगर ज़िला परिषद गट से उनके बेटे शिवराज म्हेत्रे को जीत मिली.
पूर्व विधायक दिलीप माने के बेटे को मिली जीत
उत्तर सोलापुर के कोंडी ज़िला परिषद गट से पूर्व विधायक दिलीप माने के पुत्र डॉ. पृथ्वीराज दिलीप माने विजयी हुए. बीबी दारफळ गट से भाजपा के पूर्व ज़िला अध्यक्ष शहाजी पवार के भाई इंद्रजित पवार भी विजयी हुए. दक्षिण सोलापुर के हत्तूर ज़िला परिषद गट से पूर्व विधायक रतिकांत पाटील की पत्नी लक्ष्मी रतिकांत पाटील विजयी हुईं.
धाराशिव ज़िले के परंडा तालुका में शिवसेना के पूर्व विधायक ज्ञानराज चौगुले की बेटी आकांक्षा चौगुले ने आलूर पंचायत समिति गण से 3,925 मतों से जीत दर्ज की. उन्हें पंचायत समिति सभापति पद की दावेदार माना जा रहा है. उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और पालकमंत्री प्रताप सरनाईक ने उनके प्रचार के लिए सभाएं की थीं.
धाराशिव ज़िले में समाजवादी पार्टी ने खाता खोला है. ज़िला परिषद में बहन और पंचायत समिति गण से भाई विजयी हुए हैं. मंगरूळ ज़िला परिषद गट से सीमा माडजे-रोचकरी और आरळी पंचायत समिति गण से कृष्णा रोचकरी विजयी हुए. इस तरह धाराशिव ज़िला परिषद और तुळजापुर पंचायत समिति में समाजवादी पार्टी की एंट्री हुई.
इधर, संभाजीनगर तालुका के वडगांव कोल्हाटी गट से भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सचिन गरड ने एक मत से जीत दर्ज की. उन्होंने शिंदे गुट के हनुमंत भोंडवे को हराया. एक मत से जीतने के बाद गरड की आँखों में खुशी के आँसू थे. उन्होंने कहा, “मैंने रेत माफियाओं और ताकतवर उम्मीदवारों के खिलाफ चुनाव लड़ा. सामान्य व्यक्ति होने के बावजूद जनता ने मुझे चुना, इसके लिए मैं उनका आभारी हूँ.”
















