महाराष्ट्र की राजनीति में चाचा-भतीजा कब आएंगे साथ? शरद पवार गुट ने कहा, 'हकीकत में...'
Maharashtra Politics: एनसीपी (एसपी) के प्रवक्ता विकास लवांडे ने कहा कि शरद पवार (Sharad Pawar) और अजित पवार की पार्टी के एक साथ आने की खबरें लंबे समय से चल रही हैं.

Maharashtra News: महाराष्ट्र की सियासत में एक तरफ ठाकरे ब्रदर्स के साथ आने की अटकलें लगाई जा रही हैं तो वहीं दूसरी तरफ चाचा और भतीजे के एकजुट होने की संभावना को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है. इस बीच एनसीपी (SP) के प्रवक्ता विकास लवांडे ने प्रतिक्रिया देते हुए इस प्रकार की खबरों को अफवाह करार दिया है.
एनसीपी (SP) प्रवक्ता विकास लवांडे ने कहा, "दोनों राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टियों के एक साथ आने की खबरें लंबे समय से चल रही हैं. हकीकत में ऐसा होने की कोई संभावना नहीं है. ये सिर्फ अफवाहें हैं. दोनों पार्टियों के एक साथ आने के बारे में तभी विचार किया जा सकता है जब अजित पवार और उनके साथी बीजेपी को छोड़कर महागठबंधन से बाहर निकल जाएं."
Mumbai, Maharashtra: NCP (SP) Spokesperson Vikas Lawande says, "News of both Nationalist Congress Parties coming together has been circulating for a long time. In reality, there is no possibility of this happening. These are just rumors. The idea of both parties coming together… pic.twitter.com/KdnkqAFEtW
— IANS (@ians_india) May 2, 2025
अजित पवार और शरद पवार के बीच कई मुलाकातें
महाराष्ट्र की राजनीति में चाचा और भतीजे के साथ आने की संभावना की खबरें उस वक्त सुर्खियों में रहीं, जब हाल के दिनों में दोनों नेताओं शरद पवार और अजित पवार के बीच कई मुलाकातें हुई हैं. पिछले महीने यानी अप्रैल में दोनों नेताओं के बीच 3 बार मुलाकातें हुईं हैं. 21 अप्रैल को शरद पवार और डिप्टी सीएम अजित पवार पुणे के शुगर कॉम्प्लेक्स में आयोजित तकनीकी सेमिनार में एक साथ दिखे थे.
वहीं, 12 अप्रैल को रयत शिक्षण संस्था की एक बैठक में शरद पवार और अजित पवार दोनों एक ही मंच पर नजर आए थे. इसके अलावा एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार अपने भतीजे और महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के बेटे जय की सगाई में उपस्थित रहे.
महायुति सरकार में शामिल हैं अजित पवार
बता दें कि महाविकास अघाड़ी गठबंधन के बनने के पहले अजित पवार ने देवेंद्र फडणवीस के साथ हाथ मिलाकर प्रदेश में सरकार बनाने की कोशिश की थी लेकिन वो इसमें सफल नहीं हो पाए थे. उसके बाद शरद पवार, उद्धव ठाकरे और कांग्रेस के गठबंधन होने पर अजित पवार डिप्टी सीएम बने. एकनाथ शिंदे के उद्धव ठाकरे से बगावात करने के एक साल बाद अजित पवार ने शरद पवार से अपनी राह अलग कर ली थी और फिर एक बार सत्ता में शामिल हुए थे. हाल में हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महायुति की सरकार बनने के बाद अजित पवार फिर से डिप्टी सीएम बने हैं.
Source: IOCL






















