चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु 25 साल से घटाकर 18 या 21 किया जाए, शिवसेना का सरकार को सुझाव
Shrikant Shinde News: एकनाथ शिंदे के बेटे और लोकसभा सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा कि चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम आयु 18 साल या 21 साल करने में क्या दिक्कत है.

शिवसेना ने चुनाव प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता जताते हुए सभी चुनावों के लिए ‘एकल मतदाता सूची’ और ‘रिमोट वोटिंग’ का अधिकार सुनिश्चित करने की सरकार से मंगलवार को मांग की. उन्होंने चुनाव लड़ने की न्यूनतम उम्र 18 साल या 21 साल करने का भी सुझाव दिया. शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने चुनाव सुधारों को लेकर लोकसभा में जारी चर्चा के दौरान कहा कि चुनाव प्रक्रिया में व्यापक सुधार की आवश्यकता है और इसके लिए सरकार की ओर से किये जा रहे सभी प्रयास उचित दिशा में हैं और इनमें विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) शामिल है.
18 या 21 साल करने में क्या दिक्कत है- श्रीकांत शिंदे
उन्होंने चुनाव लड़ने की न्यूनतम आयु 25 साल से घटाकर 18 या 21 साल करने का सुझाव दिया और कहा कि जब 18 साल की आयु प्राप्त करने के बाद मतदान का अधिकार प्राप्त हो जाता है तो फिर चुनाव लड़ने के लिए न्यूनतम आयु 18 साल या 21 साल करने में क्या दिक्कत है.
उन्होंने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’, सभी चुनावों के लिए ‘एकल मतदाता सूची’ और अपने मतदान केंद्र से दूर बैठे मतदाता को वहीं से मत डालने की व्यवस्था करने का भी सरकार को सुझाव दिया.
शिंदे ने चुनाव में धांधली के लिए पूर्व प्रधानमंत्री और दिवंगत कांग्रेस नेता इंदिरा गांधी को दोषी ठहराये जाने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि ‘‘जिस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने सत्ता के लिए संविधान का गला घोंट दिया, उसी पार्टी के लोग आज संविधान लेकर घूम रहे हैं और इसकी दुहाई दे रहे हैं.’’
SIR का जिक्र कर विपक्ष पर निशाना
इसके आगे उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में मतदान पेटियों में तेजाब डालकर मतपत्रों को नष्ट किया जाता था. उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों को मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से इसलिए दिक्कत है, क्योंकि वे वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं.
शिंदे ने कहा कि वह शिवसेना (यूबीटी) के सदस्य का वक्तव्य सुन रहे थे. उन्होंने कहा कि जिन्होंने बाला साहब ठाकरे का वोट का अधिकार छीन लिया था, आज शिवसेना (यूबीटी) के लोग उसी ओर बैठे हैं. उन्होंने कहा कि घुसपैठियों को बाहर निकालने से इन राजनीतिक दलों को दिक्कत है क्योंकि उन्हें वोट बैंक की राजनीति करनी है.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL

























