'GDP बढ़ी है तो 85 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन क्यों?' संजय राउत का सवाल
भारत की बढ़ती जीडीपी पर संजय राउत ने प्रतिक्रिया देते हुए पीएम मोदी से सवाल किया है कि अगर देश इतना विकास कर रहा है तो अब तक 85 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन क्यों देना पड़ रहा है?

भारत की GDP ग्रोथ 7.8 फीसदी तक पहुंच गई है जो देश के लिए बेहद खुशी की बात है. हालांकि, विपक्षी दलों का मानना है कि केवल जीडीपी से देश आगे नहीं बढ़ता, बल्कि देशवासियों को भी साथ-साथ आगे बढ़ाना होता है. इसी क्रम में उद्धव ठाकरे गुट के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने सवालिया लहजे में कहा, "अगर जीडीपी बढ़ गई है तो महंगाई क्यों बढ़ रही है? रुपया क्यों नहीं गिर रहा है? बेरोजगारी क्यों बढ़ रही है?"
बढ़ती जीडीपी के सवाल पर संजय राउत ने कहा, "अरे भाई, जीडीपी कैसे बढ़ेगा? पीएम मोदी को दिखता है. मोदी का चश्मा क्या है, वो देखना पड़ेगा. मोदी कौन से चश्मे से देखते हैं? क्या वह अर्थशास्त्री हैं? क्या वह मनमोहन सिंह हैं? क्या मोदी नरसिम्हा राव हैं?" उन्होंने आगे सवाल किया कि अगर जीडीपी इतनी बढ़ गई है तो फिर देश के 85 करोड़ लोगों को 10 किलो मुफ्त राशन क्यों देना पड़ रहा है?
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'लोगों के पास रोजगार नहीं, कपड़े नहीं'
संजय राउत ने आगे कहा कि केवल 'जीडीपी बढ़ा, जीडीपी बढ़ा' बोलने से काम नहीं चलेगा. आम जनता से जुड़े जरूरी सवालों का जवाब भी देना होगा. दिखना तो चाहिए ना, क्या बढ़ गया है? लोगों के पास नौकरी नहीं है, रोजगार नहीं है, कपड़ा नहीं है, मकान नहीं है.
महाराष्ट्र SIR में वोटर्स के नाम कटने पर बोले संजय राउत
महाराष्ट्र SIR की ड्राफ्ट लिस्ट में दो करोड़ वोटर्स के नाम कट गए हैं. वहीं, दिल्ली में भी करीब 47 लाख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं हैं. इसपर संजय राउत ने कहा, "चुनाव आयोग बीजेपी का एजेंट है. चाहे दिल्ली में हो, चाहे महाराष्ट्र में हो, चाहे देश में हो... यह बीजेपी के एजेंट हैं और बीजेपी के आदेश से ही काम करते हैं."
यूबीटी सांसद ने आगे कहा कि महाराष्ट्र में दो करोड़ और अकेले मुंबई में ही 36 लाख लोगों को निकाल दिया. दिल्ली में भी लाखों लोग निकाल दिए गए. पश्चिम बंगाल में 85 लाख लोगों हटाए गए. यही सब करके, गणित जमाकर बीजेपी वाले चुनाव में जाते हैं और चुनाव जीतते हैं. यूपी में यही हुआ, बिहार में यही हो गया."
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