Maharashtra: 150 दिन की योजना में पुणे बना ई-गवर्नेंस का चैंपियन, जानें- डिजिटल क्रांति की पूरी कहानी
Pune News: पुणे नगर निगम महाराष्ट्र सरकार की 150 दिवसीय ई-गवर्नेंस योजना में अव्वल रहा. 89 सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं और 2.25 लाख से अधिक सेवाओं की डिजिटल डिलीवरी की गई.

महाराष्ट्र सरकार के 150 दिवसीय ई-गवर्नेंस सुधार कार्यक्रम की अंतरिम समीक्षा में पुणे नगर निगम (Pune Municipal Corporation) सबसे पहले स्थान पर रहा. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में 29 अगस्त को मुंबई के सह्याद्री गेस्ट हाउस में हुई इस समीक्षा बैठक में अलग-अलग विभागों ने अपने-अपने कामकाज का प्रेजेंटेशन दिया.
इस दौरान पुणे के नगर आयुक्त नवल किशोर राम ने ‘PMC’ की उपलब्धियां प्रस्तुत कीं और बताया कि नागरिक-केंद्रित सेवाओं के डिजिटल रोलआउट ने पुणे को राज्य में सबसे आगे ला खड़ा किया है.
पुणे में डिजिटल सेवाओं का विस्तार
नगर आयुक्त नवल किशोर राम ने बताया कि राइट टू सर्विस एक्ट के तहत 97 सेवाओं को अधिसूचित किया गया है, जिनमें से 89 सेवाएं पूरी तरह ऑनलाइन उपलब्ध हैं. पिछले साल ही 2.25 लाख से अधिक सेवाओं की ऑनलाइन डिलीवरी की गई है.
उन्होंने बताया कि PMC की नई मोबाइल फ्रेंडली वेबसाइट में 36 माइक्रो साइट्स शामिल हैं, जो मराठी और अंग्रेजी में उपलब्ध हैं. इस वेबसाइट पर हर साल 67 लाख से अधिक विजिटर्स आते हैं. मोबाइल एप्लिकेशन जैसे PMC Care, Road Mitra और PMC ISWM भी लॉन्च किए गए हैं, जिनसे आम नागरिक सीधे जुड़ पा रहे हैं.
शिकायत निवारण और निगरानी प्रणाली
उन्होंने बताया कि कैसे पुणे नगर निगम ने शिकायत निवारण प्रणाली को भी मजबूत किया है. नागरिकों को अब शिकायत दर्ज करने के लिए 10 अलग-अलग चैनल्स उपलब्ध हैं, जिनमें मोबाइल ऐप, व्हाट्सऐप और सोशल मीडिया शामिल हैं. पीटीआई के अनुसार, उन्होंने ये भी बताया कि पिछले साल ही 1.15 लाख शिकायतों का समाधान किया गया है.
40 विभागों में 500 प्रमुख परफॉर्मेंस इंडिकेटर्स के साथ एक सेंट्रल डैशबोर्ड विकसित किया जा रहा है. ‘PMC स्पार्क’ नामक वॉर रूम से 50 महत्वपूर्ण बुनियादी और सामाजिक परियोजनाओं की हर पखवाड़े समीक्षा की जा रही है. जून 2025 से, PMC का पूरा वर्कफ्लो ई-ऑफिस प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट किया गया है, जिसमें 2,500 एक्टिव यूजर्स शामिल हैं.
पुणे अब स्मार्ट गवर्नेंस की ओर
पुणे नगर निगम ने उन्नत तकनीकों का भी इस्तेमाल शुरू कर दिया है. GIS आधारित रोड एसेट मैनेजमेंट सिस्टम और इंटीग्रेटेड वर्क्स मैनेजमेंट सिस्टम लागू किए गए हैं. प्रॉपर्टी टैक्स कलेक्शन के लिए AI आधारित वॉयस बॉट तैनात किया गया है. भविष्य में, पीसीएमआईआईटी अग्रणी संस्थानों के साथ मिलकर प्रेडिक्टिव कम्प्लेंट एनालिसिस और सेंटिमेंट मैपिंग जैसे इनोवेशन पर भी काम करेगा.
नगर आयुक्त नवल किशोर राम का कहना है कि “पुणे ने तकनीक के जरिए पारदर्शिता और बेहतर सेवा वितरण सुनिश्चित किया है. आने वाले दिनों में हम और अधिक डिजिटल सुधार लागू करेंगे, जिससे नागरिकों को और तेज तथा सरल सुविधाएं मिलें.”
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Source: IOCL






















