मुंब्रा रेल हादसे के लिए जिम्मेदार कौन? प्रियंका चतुर्वेदी बोलीं, 'लोग जान गंवा रहे हैं और इसके लिए...'
Mumbra Train Accident: शिवसेना (UBT) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने आरोप लगाया कि मुंबई, जो देश में सबसे ज्यादा टैक्स देता है, उसे रेलवे बजट में कुछ नहीं मिलता. डबल इंजन सरकार का वादा कहां गया?

Priyanka Chaturvedi On Train Accident: शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने केंद्र सरकार और रेल मंत्री पर जमकर हमला बोला. उन्होंने मीडिया से बातचीत में रेल हादसों, किसानों की समस्याओं, बेरोजगारी और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए. प्रियंका चतुर्वेदी ने सोमवार (09 जून) को हुए रेल हादसे में यात्रियों की मौत पर दुख जताया और इसके लिए रेल मंत्री को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया.
उन्होंने कहा, "रेल मंत्री को सिर्फ प्रचार से मतलब है, काम से नहीं. दिन-रात उनका प्रचार चलता है, वंदे भारत ट्रेनों का उद्घाटन होता है, सेल्फी पॉइंट बनते हैं. लेकिन, सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया जाता." उन्होंने आरोप लगाया कि मुंबई, जो देश में सबसे ज्यादा टैक्स देता है, उसे रेलवे बजट में कुछ नहीं मिलता. उन्होंने महाराष्ट्र सरकार से सवाल किया कि डबल इंजन सरकार का वादा कहां गया?
'मुंबई के लोगों की बुनियादी मांग भी पूरा नहीं हो पा रही'
उद्धव गुट की नेता ने कहा, "मुंबई देश का वित्तीय केंद्र है, लेकिन महाराष्ट्र से जो टैक्स जाता है, उसका सिर्फ तीन पैसा वापस मिलता है. फिर भी हम शिकायत नहीं करते. लेकिन, मुंबई के लोगों की बुनियादी मांग और लोकल ट्रेनों की मांग पूरी नहीं हो पा रही है. लोग अपनी जान गंवा रहे हैं और इसके लिए रेल मंत्री और सरकार जिम्मेदार हैं.''
मुंब्रा रेलवे स्टेशन के पास गिरने से 4 यात्रियों की मौत
बता दें कि सोमवार सुबह ठाणे में चलती ट्रेन से करीब 10 यात्री गिर गए. इनमें से चार की मौत हो गई, जबकि छह अन्य घायल हो गए. यह दुखद घटना सेंट्रल रेलवे के मुंब्रा और दिवा रेलवे स्टेशन के बीच हुई. भारी भीड़ के कारण यात्री असुरक्षित तरीके से दरवाजों पर लटके हुए थे. इसके अलावा, प्रियंका चतुर्वेदी ने मोदी सरकार के 11 साल के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार घर-घर जाकर उपलब्धियां गिनाती है. लेकिन, जनता सब देख रही है.
किसानों की समस्या और बेरोजगारी पर सरकार को घेरा
उन्होंने पूछा, "किसानों की आय दोगुनी करने का वादा कहां गया? किसान आंदोलन में कितने लोग शहीद हुए, कितने किसानों की मौत हुई. महाराष्ट्र में किसानों की आत्महत्या का सिलसिला जारी है. लेकिन, सरकार चुप है." उन्होंने बेरोजगारी पर भी सरकार को घेरा और कहा कि युवाओं से रोजगार का वादा किया गया. लेकिन, बेरोजगारी बढ़ रही है. महिलाओं की सुरक्षा और 33 प्रतिशत आरक्षण का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार 2029 तक आरक्षण लागू करने की बात करती है. लेकिन, जनगणना और परिसीमन में देरी हो रही है.
चतुर्वेदी ने आगे कहा, "11 साल में विश्वासघात हुआ है और जनता इसका रिपोर्ट कार्ड तैयार कर रही है. सरकार विपक्ष को देशद्रोही कहती थी. लेकिन, आज वही विपक्ष विदेशों में जाकर देश की आवाज बन रहा है.'' उन्होंने आतंकवाद खत्म करने के 56 इंच के सीने के दावे पर सवाल उठाया. चतुर्वेदी ने कहा, ''सरकार के पास अब चार साल बाकी हैं. इस दौरान सरकार को जनता का विश्वास जीतना होगा.''
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Source: IOCL






















