'सुप्रीम कोर्ट ही नहीं पार्लियामेंट में भी...', हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट को लेकर बोलीं उद्धव गुट की सांसद
Priyanka Chaturvedi News: शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सवाल किया कि खुद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सेबी ने जिस तरह से जांच की है, वह संतोषजनक नहीं है. उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की.

Priyanka Chaturvedi On SEBI: अमेरिकी शोध और निवेश फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च की ओर से सेबी प्रमुख के खिलाफ लगाए गए आरोपों के मामले पर सियासत गरमा गई है. हिंडनबर्ग रिसर्च की ताजा रिपोर्ट पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने इस मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है.
शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, ''कल जो हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आई है उससे एक और बात साबित होती है जिसके बारे में पूरा विपक्ष बार-बार कह रहा था कि जांच होनी चाहिए. उसको दरकिनार कर सुप्रीम कोर्ट में उसकी सुनवाई हुई.''
उन्होंने आगे कहा, ''खुद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सेबी ने जिस तरह से जांच की है, वह संतोषजनक नहीं है और SEBI बार-बार अडानी ग्रुप की कंपनियों को लेकर समय मांग रही थी. अब यह साफ हो गया है कि इसमें सेबी की चेयरपर्सन का नाम भी शामिल है.
#WATCH | On the latest report from Hindenburg Research, Shiv Sena (UBT) MP Priyanka Chaturvedi says, "The report of Hindenburg which came yesterday proves one more thing about which the entire opposition was repeatedly saying that investigation should be done...The Supreme Court… pic.twitter.com/dIdduld5XK
— ANI (@ANI) August 11, 2024
उद्धव ठाकरे गुट की नेता ने कहा, ''हम मांग करते हैं कि इस मामले में स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. खासकर ये बात कि सेबी शांत रहा सेबी ने ठीक से जांच नहीं की. सिर्फ सुप्रीम कोर्ट ही नहीं पार्लियामेंट में भी इसकी जांच होनी चाहिए.''
इससे पहले शनिवार (10 अगस्त) को भी इस मामले को लेकर सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सवाल खड़े किए थे. पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा था कि अब यह स्पष्ट हो गया है कि सेबी ने अदाणी समूह की कंपनियों के डिटेल मांगने वाले उनके पत्रों का जवाब क्यों नहीं दिया. चतुर्वेदी ने पिछले साल अप्रैल में अदाणी समूह की कंपनियों के खिलाफ जांच का ब्योरा मांगा था.
बता दें कि अमेरिकी शोध और निवेश फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च ने संदेह जताया है कि अडाणी ग्रुप के खिलाफ कार्रवाई करने में पूंजी बाजार नियामक सेबी की अनिच्छा का कारण SEBI की चेयरपर्सन माधवी पुरी बुच और उनके पति की इस ग्रुप से जुड़े विदेशी फंड में हिस्सेदारी हो सकती है. हालांकि सेबी प्रमुख ने इस आरोप को आधारहीन बताया है.
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