NCP में अंदरूनी कलह! सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल के पदों पर असमंजस बरकरार
राजनीतिक गलियारों में चर्चा थी कि NCP के सीनियर नेताओं का एक गुट पार्थ पवार की कार्यशैली से नाराज है. NCP कोर कमेटी की बैठक में पार्थ पवार ने इन नेताओं को भरोसा दिलाते हुए अपनी बात रखी.

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में पिछले कुछ दिनों से जारी अंदरूनी खींचतान के बीच बुधवार (04 नवंबर) को मुंबई में पार्टी की कोर कमेटी की बैठक हुई. इस बैठक में सुनेत्रा पवार, पार्थ पवार, प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे, राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल, कमेटी के सदस्य दिलीप वलसे पाटिल, हसन मुश्रीफ, छगन भुजबल, समीर भुजबल और धनंजय मुंडे मौजूद थे.
राजनीतिक गलियारों में चर्चा थी कि NCP के सीनियर नेताओं का एक गुट पार्थ पवार की कार्यशैली से नाराज है. ऐसे में आज की कोर कमेटी की बैठक पर सभी की नजरें टिकी हुई थीं. हालांकि, आज हुई बैठक में पार्टी के अंदर चल रहे विवाद का पूरी तरह समाधान नहीं निकल पाया.
पार्थ पवार ने बैठक में क्या दिलाया भरोसा?
सूत्रों के मुताबिक, पार्थ पवार ने बैठक में भरोसा दिया कि अब से कोर कमेटी से विचार-विमर्श करने के बाद ही फैसले लिए जाएंगे. कोर कमेटी की बैठक में पार्टी के भीतर चल रहे विवाद को लेकर पार्थ पवार और सुनेत्रा पवार ने चुप्पी साधे रखी.
जीशान सिद्दीकी और उमेश पाटिल की नियुक्ति से नाराजगी!
दरअसल, हाल ही में पार्थ पवार के निर्देश पर NCP के मुंबई अध्यक्ष पद पर जीशान सिद्दीकी और राष्ट्रीय प्रवक्ता पद पर उमेश पाटिल की नियुक्ति की गई थी. इन नियुक्तियों के दौरान कोर कमेटी को विश्वास में नहीं लिए जाने से पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का गुट नाराज हो गया था. इसलिए इन नियुक्तियों पर दोबारा विचार किए जाने की संभावना जताई जा रही थी.
जीशान सिद्दीकी और उमेश पाटिल की नियुक्ति रहेगी बरकरार
हालांकि, आज की बैठक में यह स्पष्ट हो गया कि पार्थ पवार और सुनेत्रा पवार द्वारा की गई ये नियुक्तियां बरकरार रहेंगी. अगले छह महीने तक जीशान सिद्दीकी और उमेश पाटिल अपने पदों पर काम करेंगे. छह महीने के उनके कामकाज की समीक्षा करने के बाद आगे का फैसला लिया जाएगा.
सुनील तटकरे, प्रफुल्ल पटेल के पदों पर असमंजस बरकरार!
सूत्रों के मुताबिक पार्थ पवार ने एक बार फिर दोहराया कि आने वाले समय में पार्टी के सभी फैसले कोर कमेटी को विश्वास में लेकर ही किए जाएंगे. वहीं, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे और राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल के पदों को लेकर बना असमंजस अभी भी बरकरार है.
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