'जो अच्छा काम करता है उसे कभी सम्मान नहीं मिलता और जो...', बोले नितिन गडकरी
नितिन गडकरी ने कहा कि विचारधारा में गिरावट आना लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है. उन्होंने कहा कि कई नेता सिर्फ सत्तारूढ़ दलों से जुड़े रहना चाहते हैं.

Nitin Gadkari Speech: केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता नितिन गडकरी ने मौजूदा राजनीति पर अहम टिप्पणी की है. उन्होंने कहा कि नेताओं के बीच विचारधारा में गिरावट लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है. साथ ही उन्होंने कहा कि अच्छा काम करता है उसे कभी सम्मान नहीं मिलता.
लोकमत के एक कार्यक्रम में नितिन गडकरी ने किसी का नाम लिए बिना कहा, ‘‘मैं हमेशा मजाक में कहता हूं कि चाहे किसी भी पार्टी की सरकार हो, एक बात तय है कि जो अच्छा काम करता है उसे कभी सम्मान नहीं मिलता और जो बुरा काम करता है उसे कभी सजा नहीं मिलती.’’
विचारधारा पर क्या बोले नितिन गडकरी?
नागपुर से लोकसभा सांसद नितिन गडकरी ने कहा, ‘‘हमारी बहसों और चर्चाओं में मतभेद हमारी समस्या नहीं है. हमारी समस्या विचारों की कमी है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे लोग भी हैं जो अपनी विचारधारा के आधार पर दृढ़ विश्वास के साथ खड़े हैं लेकिन इस तरह के लोगों की संख्या घट रही है. और विचारधारा में गिरावट, जो हो रही है, लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है.’’
गडकरी ने कहा, ‘‘न तो दक्षिणपंथी और न ही वामपंथी, हम जाने-माने अवसरवादी हैं, कुछ लोग ऐसा लिखते हैं. और सभी सत्तारूढ़ दल से जुड़े रहना चाहते हैं.’’
सांसदों को सम्मान
लोकमत के कार्यक्रम में कांग्रेस के लोकसभा सदस्य शशि थरूर और बीजू जनता दल के राज्यसभा सदस्य सस्मित पात्रा को वर्ष के सर्वश्रेष्ठ सांसद के पुरस्कार से सम्मानित किया गया. बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से निलंबित लोकसभा सदस्य दानिश अली और माकपा के राज्यसभा सदस्य जॉन ब्रिटास को सर्वश्रेष्ठ नए सांसद का पुरस्कार मिला.
समारोह में बीजेपी सांसद मेनका गांधी और समाजवादी पार्टी सांसद राम गोपाल यादव को ‘लाइफटाइम अचीवमेंट’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया. अकाली दल सांसद हरसिमरत कौर और बीजेपी सांसद सरोज पांडे को साल की सर्वश्रेष्ठ महिला सांसद का पुरस्कार मिला.
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