नाशिक में अवैध सात पीर दरगाह हटाने को लेकर बवाल, नगर निगम और पुलिस टीम पर पथराव, छोड़े गए आंसू गैस के गोले
Satpir Dargah Nashik Violence: नाशिक नगर निगम ने काठे गली सिग्नल क्षेत्र में सात पीर दरगाह को नोटिस जारी किया था और 15 दिन के भीतर अतिक्रमण हटाने की बात कही थी. इसके बाद कार्रवाई शुरू होते ही हंगामा हो गया.

Nashik Violence News: महाराष्ट्र के नाशिक में बीती रात अवैध दरगाह हटाने गई नगर निगम की टीम और पुलिस पर पत्थराव कर दिया गया. इसके जवाब में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े. आज (16 अप्रैल) भी दरगाह की कार्रवाई के लिए पुलिस तैनात है. नाशिक के काठे गली क्षेत्र में नगर निगम की ओर से अनधिकृत घोषित की गई सातपीर दरगाह को हटाने का अभियान आधी रात को शुरू किया गया. इसके लिए काठे गली से भाभा नगर जाने वाले यातायात को दूसरे मार्ग पर डायवर्ट कर दिया गया है.
बीती रात को हुई पत्थरबाजी में गाड़ियों को जमकर नुकसान हुआ है. गाड़ियों के शीशे तोड़े गए हैं. पत्थरबाजी में 2 एसीपी और 20 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. एक पुलिसकर्मी का पैर फ्रैक्चर हो गया है. 5 गाड़ियों का नुकसान की सूचना है. पथराव करने वाले 8 से ज्यादा लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है.
इस बीच कुछ मौलानाओं की मदद से दरगाह हटाने की कारवाई शुरू है. पूरे दिन भारी सुरक्षा व्यवस्था रहेगी. नगर निगम ने 15 दिन के भीतर अनाधिकृत निर्माण हटाने का 1 अप्रैल को नोटिस जारी किया था, ऐसे में आज तनावपूर्ण माहौल रहने की संभावना है.
क्या है पूरा मामला ?
नगर निगम ने नाशिक के काठे गली सिग्नल क्षेत्र में सातपीर दरगाह को नोटिस जारी किया था. निगम ने 15 दिन के भीतर अतिक्रमण हटाने पर कार्रवाई की बात कही थी. नोटिस में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार सातपीर दरगाह अनधिकृत है. निगम की ओर से दरगाह की दीवार पर यह नोटिस लगा दिया गया था.
WATCH | नासिक में बीती रात हुआ बवाल
— ABP News (@ABPNews) April 16, 2025
पुलिस और नगर निगम की टीम पर पथराव
नासिक में अवैध दरगाह हटाने गयी थी पुलिस
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लोगों की शिकायत पर नगर निगम ने हटाए थे अतिक्रमण
द्वारका क्षेत्र में काठे गली सिग्नल के पास सातपीर दरगाह, बनाया गया है. स्थानीय नागरिकों की शिकायतों के बाद 23 फरवरी को नाशिक नगर निगम के अतिक्रमण विभाग ने इस दरगाह के आस-पास से कुछ अतिक्रमण हटा दिए.
बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर की गई थी याचिका
इसके बाद, सातपीर दरगाह ट्रस्ट की ओर से बॉम्बे हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई. सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि यह दरगाह अनधिकृत है. इसके बाद नगर निगम ने नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर सभी अनधिकृत निर्माण हटाने के निर्देश दिए थे.
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Source: IOCL























