नासिक में हटाई गई अवैध दरगाह, भारी बवाल में 31 नगर निगम और पुलिसकर्मी घायल | 10 बड़ी बातें
Nashik Violence News: नासिक में अवैध दरगाह हटाने गई नगर निगम की टीम और पुलिस पर पथराव किया गया. इस घटना में 31 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी घायल हो गए. पुलिस ने 15 उपद्रवियों को हिरासत में लिया है.

Nashik Satpeer Dargah: नासिक में मंगलवार (15 अप्रैल) की रात को जमकर हंगामा हुआ. अवैध दरगाह हटाने गई नगर निगम की टीम और पुलिस पर पथराव किया गया. काठीगली क्षेत्र में अनाधिकृत घोषित सातपीर दरगाह को तोड़ने का अभियान आधी रात को शुरू किया गया था, लेकिन वहां अचानक भीड़ पहुंच गई और पथराव शुरू कर दिया. भीड़ ने नगर निगम की टीम को घेरने की कोशिश की. इसके जवाब में पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे. 10 पॉइंट्स में जानें बड़े अपडेट-
- नासिक शहर में अतिक्रमण कर बनाई गई सात पीर दरगाह को नगर निगम प्रशासन ने हटा दिया है.
- दरगाह से अतिक्रमण हटाने का अभियान आधी रात से पुलिस सुरक्षा में चल रहा था.
- गुस्साई भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया था, जिसमें 31 अधिकारी और कर्मचारी घायल हो गए थे.
- घायल पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों का नासिक जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है. अधिकारियों के सिर, हाथ और पैर में गंभीर चोटें आई हैं.
- सहायक पुलिस आयुक्त संदीप मिटके और नितिन जाधव घायल हो गए हैं. पुलिस निरीक्षक युवराज पटकी को सिर में गंभीर चोटें आई हैं.
- दरगाह के ट्रस्टी और एक प्रमुख नागरिक उपद्रवियों को समझाने भी गए थे, लेकिन उनकी बात अनसुनी कर दी गई और पुलिस पर पथराव किया गया.
- इस वारदात के बाद पुलिस ने 15 उपद्रवियों को हिरासत में लिया है. 57 संदिग्धों की मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है.
- अवैध दरगाह हटाने गई नगर निगम और पुलिस टीम पर हुई पत्थरबाजी में कई गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हुई हैं.
- शिवसेना यूबीटी से सांसद संजय राउत का दावा है कि बीजेपी ने ये दंगे कराए हैं. उन्होंने कहा है कि दंगे इसलिए भड़के हैं क्योंकि आज उनकी बड़ी सभा थी.
- संजय राउत ने यह दावा किया है कि यह अवैध दरगाह हटाए जाने की कार्रवाई बाद में भी की जा सकती थी, लेकिन बीजेपी वालों ने 15 दिन पहले ही कह दिया था कि आज के दिन कार्रवाई करेंगे.
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