‘ढोंगी बाबा’ की क्राइम कुंडली: जादूटोना, रेप, ब्लैकमेलिंग और करोड़ों की संपत्ति, SIT ने खोले कई राज
Ashok Kharat News: नासिक के कथित बाबा अशोक खरात पर महिलाओं के शोषण, ब्लैकमेलिंग और 40 करोड़ की संपत्ति बनाने के आरोप. SIT जांच में चौंकाने वाले खुलासे, कई पीड़ित सामने आए.

नासिक में सामने आया कैप्टन अशोक खरात का मामला किसी फिल्मी कहानी जैसा लग सकता है, लेकिन इसकी सच्चाई बेहद डरावनी है. खुद को चमत्कारी बाबा बताने वाला यह शख्स अब महिलाओं के साथ शारीरिक शोषण, ब्लैकमेलिंग और करोड़ों की बेनामी संपत्ति बनाने के आरोपों में घिरा हुआ है. जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, वैसे-वैसे इस पूरे मामले की परतें खुलती चली गईं और अब यह मामला राज्य की राजनीति तक गूंजने लगा है.
इस पूरे मामले की शुरुआत 29 दिसंबर 2025 को हुई, जब अशोक खरात खुद वावी पुलिस स्टेशन पहुंचा और उसने शिकायत दर्ज कराई कि कुछ लोग उसके आपत्तिजनक फोटो और वीडियो के जरिए उसे ब्लैकमेल कर रहे हैं. उसने दावा किया कि व्हाट्सऐप पर “व्यू वन्स” फोटो भेजकर उससे 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी जा रही है.
शुरुआत में मामला ब्लैकमेलिंग का लगा, लेकिन जब पुलिस ने जांच शुरू की तो तस्वीर धीरे-धीरे बदलने लगी. मोबाइल डेटा और साइबर जांच में कोई ठोस सबूत नहीं मिला. जिन लोगों पर आरोप लगाए गए थे, उन्हें भी अदालत से राहत मिल गई. यहीं से पुलिस को शक हुआ कि मामला कुछ और ही है.
शिर्डी केस ने खोले बड़े राज
करीब डेढ़ महीने बाद 18 फरवरी 2026 को शिर्डी से एक और शिकायत सामने आई. एक महिला ने आरोप लगाया कि उसे एआई से तैयार अश्लील फोटो भेजकर धमकाया गया. हालांकि महिला ने अपना मोबाइल या नंबर नहीं दिया, जिससे जांच मुश्किल हो गई.
लेकिन इसी दौरान एक अहम गवाह सामने आया, जिसने पुलिस को कुछ ऐसे वीडियो दिखाए जिनसे पूरे केस की दिशा बदल गई. इन वीडियो में कई महिलाओं के साथ अशोक खरात की आपत्तिजनक हरकतें नजर आईं.
आरोप है कि वह महिलाओं को धार्मिक झांसा देकर अपने जाल में फंसाता था और फिर उनका शोषण करता था. गवाह पहले डरा हुआ था, लेकिन पुलिस की सुरक्षा मिलने के बाद उसने ये सबूत सौंप दिए.
भागने की कोशिश नाकाम, SIT की एंट्री
जांच के दौरान यह आशंका जताई गई कि आरोपी देश छोड़कर भाग सकता है. इसके बाद 10 मार्च 2026 को उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया गया और एयरपोर्ट पर उसे रोक दिया गया.
मामले की गंभीरता को देखते हुए 13 मार्च 2026 को विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया गया. इसके बाद जांच तेज हो गई और लगातार नए खुलासे सामने आने लगे.
महिला की शिकायत से हुआ सबसे बड़ा खुलासा
17 मार्च 2026 को सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशन में एक महिला ने जो शिकायत दर्ज कराई, उसने पूरे मामले को हिला कर रख दिया. महिला ने बताया कि अशोक खरात ने खुद को दैवी शक्तियों वाला बताकर उसे अनुष्ठान के नाम पर अपने ऑफिस बुलाया. वहां उसे नशीला पदार्थ देकर बेहोश किया गया और उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया गया.
इस शिकायत के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद उसके ठिकानों पर छापेमारी की गई, जहां से कई अहम सबूत मिले.
तलाशी में सामने आई संपत्ति और सबूत
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी के पास भारी मात्रा में नकदी और संपत्ति है. उसके पास से लाखों रुपये नकद, लैपटॉप, डिजिटल रिकॉर्डिंग डिवाइस और हथियार तक बरामद किए गए. इन सबको जांच के लिए जब्त कर लिया गया है और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की फॉरेंसिक जांच जारी है.
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, यह भी सामने आया कि आरोपी ने अलग-अलग जगहों पर करोड़ों की संपत्ति जमा कर रखी है. नासिक, शिर्डी, पुणे और पनवेल जैसे शहरों में जमीन, बंगले और फार्महाउस उसके नाम या बेनामी रूप से जुड़े हुए पाए गए. कुल संपत्ति का अनुमान करीब 40 करोड़ रुपये से ज्यादा लगाया जा रहा है.
डर के साये से बाहर आईं पीड़ित महिलाएं
इस मामले का सबसे अहम पहलू यह रहा कि कई महिलाएं शुरू में सामने आने से डर रही थीं. लेकिन पुलिस ने काउंसलिंग और सुरक्षा का भरोसा दिया, जिसके बाद धीरे-धीरे पीड़िताएं सामने आने लगीं. अब तक कई मामलों में शिकायत दर्ज हो चुकी है और वीडियो के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है. इन मामलों में जादूटोना, यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं.
सोशल मीडिया पर वीडियो हुए वायरल
जांच के दौरान कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, जिससे मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इन वीडियो को हटाने की प्रक्रिया शुरू की.
इसके अलावा, उन मीडिया संस्थानों को भी नोटिस जारी किए गए जिन्होंने पीड़ित महिलाओं की पहचान उजागर की थी. पुलिस का कहना है कि पीड़ितों की गोपनीयता बनाए रखना बेहद जरूरी है.
फिलहाल SIT कई एंगल से जांच कर रही है. इसमें डिजिटल सबूतों की फॉरेंसिक जांच, आर्थिक लेनदेन की पड़ताल, टैक्स चोरी की संभावना और आरोपी के सहयोगियों की भूमिका शामिल है. यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस पूरे मामले में किसी तरह का राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण तो नहीं था.
इस समय अशोक खरात पुलिस हिरासत में है और उसके खिलाफ कई केस दर्ज हो चुके हैं. ज्यादातर मामलों की जांच SIT के पास है और एक मामला क्राइम यूनिट देख रही है.
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Source: IOCL



























