शियाओं के खिलाफ गुस्सा, पत्नी से जुदाई और सालभर इंतजार... मुहर्रम पर फैयाज ने क्यों बांटे जहरीले कैप्सूल?
Mumbai News: आरोपी फैयाज को अपने धर्म के खिलाफ गुस्सा था, उसने ने कुछ साल पहले मुस्लिम धर्म के प्रथाओं और परंपराओं का विरोध करते हुए पर्चे बांटा था, जिसके बाद उसका बॉयकॉट किया गया.

मुंबई में मुहर्रम जुलूस के दौरान जहर देकर बड़े पैमाने पर लोगों को मारने की कथित साजिश की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. दरअसल, आरोपी फैयाज निसार हुसैन प्रेमजी (39) के बारे में परेशान करने वाली बातें सामने आई हैं,जिनमें पारिवारिक जीवन में उथल-पुथल,समाज से बहिष्कृत होना और मानसिक स्वास्थ्य का बिगड़ना शामिल है.
मुंबई पुलिस ने जांच में पाया है कि प्रेमजी का वैवाहिक और पारिवारिक जीवन बिखर गया था, जिससे वह भावनात्मक रूप से परेशान हो गया था और अपने ही शिया समुदाय के लोगों के प्रति उसके मन में नाराजगी थी.
आरोपी को अपने धर्म के खिलाफ गुस्सा था, आरोपी ने कुछ साल पहले मुस्लिम धर्म के प्रथाओं और परंपराओं का विरोध करते हुए पर्चे बांटा था, इसके बाद धार्मिक गुरुओं ने कथित तौर पर उसके परिवार को समुदाय से बहिष्कृत कर दिया.
चार साल पहले छोड़ गई पत्नी
सामाजिक रूप से अलग-थलग पड़ने के बाद,प्रेमजी अपनी मां, बड़े भाई मोहम्मद अब्बास और अपनी दो छोटी बहनों, सकीना और रुबीना के साथ पुणे चला गया,वह कभी-कभी मुंबई आता था और डॉर्मिटरी में रहता था. प्रेमजी ने बैचलर ऑफ़ बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन (BBA) किया है और शादीशुदा था,लेकिन बताया जाता है कि उसकी पत्नी ने चार साल पहले उसे छोड़ दिया था.
पत्नी और परिवार से बिगड़े रिश्ते
जांचकर्ताओं का मानना है कि परिवार में तनावपूर्ण रिश्तों और भाई व रिश्तेदारों द्वारा नज़रअंदाज़ किए जाने की भावना ने उसे गंभीर मानसिक परेशानी में धकेल दिया,पुलिस ने बताया कि वह कई तरह की दवाएं और गोलियां भी ले रहा था.
2019 में प्रेमजी अपनी मां, भाई और बहनों के साथ ईरान चला गया,जहां उसने फ़ास्ट फ़ूड का बिज़नेस शुरू किया,उसकी दोनों बहनें अविवाहित हैं,2025 में वह पुणे लौट आया,उसके बयान के अनुसार उसके दादाजी ने भी शिया समुदाय की कठोर प्रथाओं के खिलाफ़ अभियान चलाया था,जिसका असर शायद उसके नज़रिए पर पड़ा हो.
दो हफ्ते तक होटल में रुका
फैयाज प्रेमजी मुहर्रम जुलूस से करीब दो हफ्ते पहले नजदीकी एक सस्ते होटल में रुका था, वहां रहने के दौरान,उसने कथित तौर पर एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए 30,000 खाली कैप्सूल और लगभग 50 किलोग्राम जिंक फ़ॉस्फ़ाइड मंगवाया, जिंक फ़ॉस्फ़ाइड एक बहुत ज़हरीला रसायन है जिसका इस्तेमाल आमतौर पर चूहों को मारने के लिए किया जाता है, आरोपी ने कई दिनों तक एक होटल के कमरे में ही ये कैप्सूल तैयार किया.
पुलिस ने बताया कि 2025 में पुणे लौटने के बाद,प्रेमजी मुहर्रम के कार्यक्रमों का इंतज़ार कर रहा था और उसने कथित तौर पर हमले की योजना बहुत पहले ही बना ली थी,ऑनलाइन तरीके से कैप्सूल बनाना सीखा और कथित तौर पर यूट्यूब पर वीडियो देखकर घर पर ही लगभग 30,000 कैप्सूल बनाए.
अपने ही समुदाय से नाराजगी
पुलिस के अनुसार,प्रेमजी का मानना था कि उसकी निजी परेशानियों, जैसे कि उसकी टूटी हुई शादी और परिवार में अस्थिरता, के लिए उसका अपना समुदाय ही ज़िम्मेदार था,उसने कथित तौर पर बदला लेने के लिए इस्लाम के एक खास पंथ के लोगों को निशाना बनाने का फैसला किया.
पेन किलर बताकर बांटे कैप्सूल
मुंबई के भायखला और डोंगरी इलाकों में मुहर्रम का जुलूस निकल रहा था, तभी प्रेमजी को जुलूस में शामिल लोगों के बीच बैग में रखे कैप्सूल बांटते हुए देखा गया,सुरक्षा के लिए तैनात पुलिसकर्मियों ने उससे कैप्सूल के बारे में पूछा,तो उसने कथित तौर पर जवाब दिया कि वे पेन किलर हैं, जिनका मकसद जुलूस के दौरान लगी चोटों से होने वाली तकलीफ़ को कम करना था.
हालांकि, जल्द ही सलमान सैयद समेत दो लोगों ने बेचैनी और उल्टी की शिकायत की. पुलिस को बताया गया कि दोनों ने प्रेमजी द्वारा बांटे गए कैप्सूल खाए थे.
करीब 15 हजार कैप्सूल मिले
पुलिस ने प्रेमजी को डोंगरी के एक होटल से हिरासत में ले लिया,तलाशी के दौरान 14,900 कैप्सूल मिले, जिनमें चूहे मारने वाली दवा का पाउडर भरा हुआ था,जांचकर्ताओं को यह भी पता चला कि उसने 50 किलोग्राम जिंक फॉस्फाइड और लगभग 30,000 खाली कैप्सूल खरीदे थे.
पुलिस ने बताया कि प्रेमजी अभी हिरासत में है और उससे कड़ी पूछताछ की जा रही है. जांचकर्ता इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या उसकी मानसिक स्थिति और निजी शिकायतों ने इस कथित साज़िश में कोई अहम भूमिका निभाई है.
नहीं मिला आतंकी संबंध
अब तक कोई आतंकी संबंध नहीं मिला,जांचकर्ताओं का कहना है कि अपने समुदाय के प्रति नाराज़गी के बावजूद, प्रेमजी कट्टरपंथी या किसी चरमपंथी संगठन से जुड़ा हुआ नहीं लगता है.
हालांकि उसने इराक और ईरान की काफी यात्राएं की थीं, इसलिए अधिकारी सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रहे हैं,उसके हालिया इंटरनेट इस्तेमाल,बातचीत और ऑनलाइन सर्च का पता लगाने के लिए उसके मोबाइल फोन को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है.
























