फिर सामने आया मराठी-हिंदी विवाद! वसई किले में गार्ड पर भड़का युवक
Marathi-Hindi Controversy: वसई किले में एक युवक को गार्ड ने कथित तौर पर रोका तो वो भड़क गया. युवक ने गार्ड को मराठी सीखने की नसीहत दी.

महाराष्ट्र में एक बार फिर हिंदी बनाम मराठी का विवाद सामने आया है. महाराष्ट्र के पालघर जिले के वसई गांव स्थित वसई किले में एक युवक छत्रपति शिवाजी महाराज के वेश में शूट के लिए पहुंचा. वहां गार्ड ने रोका तो युवक भड़क गया. युवक ने गार्ड से कहा कि यहां पर नौकरी करते हुए कितने साल हो गए, अब तक मराठी क्यों नहीं सीखा?
मैंने हिंदी में बात करके सम्मान दिया ना- युवक
युवक गार्ड से कहता है, "मैंने तेरे को सम्मान दिया है ना हिंदी में बात करके. मुझे तूझे सम्मान देना चाहिए ना महाराष्ट्र में मराठी बोलकर. कितने साल हो गए तेरे को जॉब करके यहां पर?" इस पर गार्ड बोलता है, "दो साल, दो साल हो गए." युवक कहता है, "हां, तो मराठी क्यों नहीं सीखा?" बहस आगे बढ़ती है.
गार्ड: सीखेगा सर
युवक: कब सीखेगा?
युवक: नाम दिखाओ जरा. बृजेश कुमार गुप्ता. यह आदमी एक सिक्योरिटी गार्ड है. वह हम जैसे मराठों को फोटो खींचने से रोक रहा है? हम उसका क्या करें? और वह बोलता है, मुझे मराठी नहीं आती.
गार्ड: क्या-क्या बोलूं? किससे बोलूं?
युवक: तुम फेमस होना चाहते हो, है ना? पहली बात तो यह कि तुम्हें मराठी नहीं आती. है ना? चलो, नहीं बोल सकते, नहीं बोल सकते. लेकिन अब तुम भाईगिरी करके इस आदमी को लाए हो!
युवक: अब याद रखना. तुम फेमस हो जाओगे और तुम्हें यह नौकरी छोड़नी पड़ेगी और तुम यहां छत्रपति शिवाजी महाराज की इज्जत नहीं कर रहे हो, है ना? वसई कहां है? वसई फोर्ट.
युवक: कपल्स यहां क्या करते हैं? कौन से कपल्स अपनी मां-बहनों के साथ आते हैं? चलो! तब तुम्हारी आंखें को क्या हो जाता है? क्या तुम छत्रपति को समझते हो? यहां लोग शराब क्यों पी रहे हैं?
गार्ड: नहीं सर.
युवक: नहीं, है ना? तो हमें छत्रपति का सम्मान करना चाहिए और अब से मराठी सीखनी चाहिए.
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