लातूर: बैल की मौत के बाद पति-पत्नी खुद बने खेत का सहारा, किसान परिवार की दर्दभरी कहानी रुला देगी
Latur Farmers News: बैल की मौत के बाद आर्थिक तंगी और संसाधनों के अभाव में किसान ने ऐसा कदम उठाया, जिसने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया है. किसान और उसकी पत्नी खुद ही हल में जुते नजर आ रहे हैं.

महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र के लातूर जिले से सामने आई एक तस्वीर ने किसानों की बदहाल स्थिति को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है. देवनी तहसील के एक किसान परिवार की मजबूरी इन दिनों पूरे राज्य में चर्चा का विषय बनी हुई है. बताया जा रहा है कि हाल ही में हुई बेमौसम बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की घटना में किसान के बैल जोड़े का एक बैल मौत का शिकार हो गया. खेती-किसानी का अधिकांश काम बैलों पर निर्भर होने के कारण किसान के सामने खेत की जुताई और अन्य कृषि कार्यों को पूरा करने का गंभीर संकट खड़ा हो गया.
आर्थिक तंगी और संसाधनों के अभाव में किसान ने ऐसा कदम उठाया, जिसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया. सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में किसान और उसकी पत्नी स्वयं हल में जुते नजर आ रहे हैं, जबकि दूसरा व्यक्ति हल चला रहा है. खेत में बैलों की जगह पति-पत्नी को मेहनत करते देख लोगों की आंखें नम हो गईं.
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किसान परिवार को राहत देने में जुटा प्रशासन
वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला प्रशासन तक पहुंचा. घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लिया है. लातूर के जिलाधिकारी ने पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए हैं और संबंधित अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है. साथ ही किसान परिवार को उपलब्ध कराई जा सकने वाली सरकारी सहायता और राहत उपायों की भी समीक्षा शुरू कर दी गई है.
सरकार ने दिया विशेष सहायता का भरोसा
दूसरी ओर, विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार से किसान परिवार को विशेष आर्थिक सहायता देने और मृत बैल के लिए उचित मुआवजा प्रदान करने की मांग की है. उनका कहना है कि यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के सामने खड़ी वास्तविक चुनौतियों और आर्थिक संकट की एक दर्दनाक तस्वीर पेश करती है.
सरकार की ओर से भी किसान परिवार को नियमों के तहत हर संभव सहायता और मुआवजा उपलब्ध कराने का भरोसा दिया गया है. अब सभी की नजर प्रशासनिक जांच और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है, जिससे यह तय होगा कि इस किसान परिवार को कितनी और किस प्रकार की मदद मिल पाती है.


















