Ganesh Utsav: मुंबई में डेढ़ दिन बाद बप्पा को दी गई विदाई, 60 हजार से ज्यादा प्रतिमाएं हुईं विसर्जित
Mumbai Ganesh Utsav 2025: मुंबई में डेढ़ दिन बाद 60,177 गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ. बीएमसी ने 290 कृत्रिम तालाब बनाए और लोगों से ईको फ्रेंडली विसर्जन की अपील की.

मुंबई में गणेशोत्सव की रौनक देखते ही बनती है. हर साल की तरह इस बार भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में बप्पा की प्रतिमाओं का विसर्जन करने पहुंचे. अधिकारियों के मुताबिक, शुक्रवार को डेढ़ दिन बाद 60,000 से ज्यादा गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया. इनमें से करीब 29,600 प्रतिमाएँ प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) की थीं.
अलग-अलग दिनों पर होता है विसर्जन
गणेशोत्सव 10 दिनों तक चलता है, लेकिन भक्त अपनी आस्था और परंपरा के मुताबिक अलग-अलग दिनों पर प्रतिमाओं का विसर्जन करते हैं. कई लोग स्थापना के डेढ़ दिन बाद बप्पा को विदा करते हैं, जबकि कुछ लोग 5वें और 7वें दिन विसर्जन करते हैं. इस बार यह त्योहार 27 अगस्त से शुरू हुआ था और शुक्रवार सुबह तक कुल 60,177 प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा चुका था.
ईको फ्रेंडली प्रतिमाओं को बढ़ावा
बीएमसी के मुताबिक, विसर्जन की गई प्रतिमाओं में 29,683 पीओपी की थीं और 30,494 प्रतिमाएं मिट्टी की बनी थीं, जो पूरी तरह ईको फ्रेंडली हैं. इस साल मिट्टी की प्रतिमाओं की संख्या बढ़ना एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है.
विसर्जन के लिए बनाए गए कृत्रिम तालाब
नगर निगम ने श्रद्धालुओं की सुविधा और पर्यावरण की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बड़े स्तर पर तैयारी की है. इस बार लगभग 70 प्राकृतिक जलाशयों जैसे समुद्र तट, झीलें और चौपाटियों के अलावा करीब 290 कृत्रिम तालाब तैयार किए गए हैं. ताकि लोग आसानी से अपने गणपति बप्पा का विसर्जन कर सकें और प्राकृतिक जलस्रोतों पर भीड़ ज्यादा न बढ़े.
जल प्रदूषण को कम करने के लिए बीएमसी लगातार जागरूकता फैला रही है. नागरिकों से अपील की गई है कि जो लोग मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं घर लाए हैं, वे उन्हें ड्रम या बाल्टी में ही विसर्जित करें. वहीं, 6 फीट से छोटी पीओपी की प्रतिमाओं को कृत्रिम तालाबों में विसर्जित करने की सलाह दी गई है.
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Source: IOCL






















