Maharashtra: लातूर में बाढ़ का कहर! सीआरपीएफ महिला कर्मी समेत 4 लोग अचानक लापता
Latur Flood: लातूर जिले में भारी बारिश से आई बाढ़ में सीआरपीएफ की महिला कर्मी समेत चार लोग बह गए. प्रशासन ने बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू कर सभी की तलाश तेज कर दी है.

महाराष्ट्र के जिले लातूर में लगातार हो रही भारी बारिश ने हालात बिगाड़ दिए हैं. 16 सितंबर को पटोदा (खुर्द) और मलहिप्परगा क्षेत्रों के बीच बाढ़ के पानी में अलग-अलग घटनाओं में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की एक महिला कर्मचारी सहित 4 लोग तेज बहाव में बह गए.
जिला प्रशासन ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया, लेकिन 17 सितंबर तक सभी लापता व्यक्तियों की तलाश जारी थी. जिला सूचना अधिकारी (डीआईओ) के मुताबिक, पिछले तीन दिनों से लातूर जिले में लगातार भारी बारिश हो रही है.
हादसे की पूरी जानकारी
16 सितंबर को पटोदा (खुर्द) और मलहिप्परगा के बीच एक नाले पर पानी भरी सड़क को पार करने के दौरान हादसा ये हादसा हुआ, जिसमें एक ऑटो-रिक्शा पलटने से सीआरपीएफ की महिला कर्मी समेत 3 लोग बह गए. अधिकारियों ने बताया कि बचाव दल ने मौके पर तुरंत पहुंचकर अभियान चलाया, लेकिन तेज बहाव इतना तेज था कि लोगों का कोई सुराग तक नहीं मिल पाया.
लापता लोगों की पहचान और बचाव अभियान
सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, लापता लोगों की पहचान सीआरपीएफ कर्मचारी संगीता सूर्यवंशी (32), वैभव पुंडलिक गायकवाड़ (24) और विट्ठल धोंडीबा गवले (50) के रूप में हुई है. देर रात तक खोजबीन जारी रही और गोताखोरों के साथ स्थानीय प्रशासन भी मदद कर रहा है. पीटीआई के अनुसार, प्रशासन ने चेतावनी जारी कर कहा है कि लोग पानी भरी सड़कों को पार करने का जोखिम न लें. वहीं, एनडीआरएफ की एक टीम को भी एहतियात के तौर पर सतर्क कर दिया गया है.
दूसरी घटना और प्रशासन की अपील
इसी दौरान एक अन्य घटना में 28 साल के सुदर्शन घोनशेट्टे तिरु नदी के उफान में बह गया. उसके लिए अलग से बचाव अभियान चलाया जा रहा है. जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे भारी बारिश के दौरान नदी, नालों और पानी भरी सड़कों से दूर रहें.
साथ ही, स्थानीय पुलिस और बचावकर्मियों को भी अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं. इन घटनाओं ने जिले में दहशत का माहौल बना दिया है और प्रशासन ने रेड अलर्ट पर रहकर सुरक्षा उपाय तेज कर दिए हैं.
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