नागपुर दंगा: आरोपी के घर बुलडोजर चलने पर आयुक्त ने मांगी माफी, कहा- SC के निर्देशों की जानकारी नहीं थी
Faheem Khan House Demolished: नागपुर हिंसा के बाद नगर निगम ने दो आरोपियों पर बुलोडजर एक्शन लिया था. मुख्य आरोपी फहीम खान के घर को ढहा दिया गया. इस मामले में खान ने हाई कोर्ट का रुख किया था.

Faheem Khan House Demolished: महाराष्ट्र के नागपुर के नगर आयुक्त ने दंगे के दो आरोपियों का घर ध्वस्त करने के मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट से बिना शर्त माफी मांगी है. उन्होंने कहा कि उन्हें संपत्तियों को ध्वस्त करने के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की जानकारी नहीं थी.
नागपुर नगर निगम (एनएमसी) के आयुक्त अभिजीत चौधरी ने मंगलवार (16 अप्रैल) को हाई कोर्ट की नागपुर पीठ के समक्ष दाखिल हलफनामे में कहा, ''सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के बारे में महाराष्ट्र सरकार से नागपुर नगर निगम को कोई परिपत्र प्राप्त नहीं हुआ है.''
जस्टिस नितिन साम्ब्रे और जस्टिस वृषाली जोशी की पीठ ने इस मामले में जवाब देने के लिए महाराष्ट्र सरकार को दो सप्ताह का समय दिया है.
17 मार्च को हुई थी हिंसा
छत्रपति संभाजीनगर जिले में मुगल बादशाह औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर विश्व हिन्दू परिषद के प्रदर्शन के बाद हिंसा हो गई थी. विरोध प्रदर्शन के दौरान धार्मिक लेख वाली चादर को जलाए जाने की अफवाह के बाद 17 मार्च को नागपुर के कुछ हिस्सों में हिंसा हुई थी.
हाई कोर्ट की नागपुर पीठ ने 24 मार्च को हिंसा मामले के मुख्य आरोपी फहीम खान और अन्य आरोपियों के घरों को ध्वस्त करने पर रोक लगाने का आदेश दिया, और प्रशासन को फटकार लगाई. आरोपियों पर देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया है.
हाई कोर्ट के आदेश से पहले ही घर ढहाया गया
हालांकि, खान के दो मंजिला मकान को 24 मार्च की दोपहर में हाई कोर्ट द्वारा आदेश पारित करने से पहले ही ध्वस्त कर दिया गया था, लेकिन अधिकारियों ने अदालत के निर्देश के बाद अन्य आरोपी यूसुफ शेख के मकान के ‘अवैध’ हिस्से को गिराने का काम रोक दिया था.
चौधरी ने हलफनामे में कहा, ‘‘मैं अदालत से बिना शर्त माफी मांगता हूं, क्योंकि प्रतिवादी अधिकारियों ने उच्चतम न्यायालय के फैसले का उल्लंघन करते हुए याचिकाकर्ता के अनधिकृत निर्माण को ध्वस्त कर दिया है.’’
उन्होंने कहा कि कुछ कार्रवाई शीर्ष अदालत के निर्देशों का उल्लंघन करते हुए की गई हैं, हालांकि ऐसा जानबूझकर नहीं किया गया है, बल्कि जानकारी के अभाव में किया गया है.
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