महाराष्ट्र: देवेंद्र फडणवीस के देर रात 'सीक्रेट' दिल्ली दौरे से बढ़ी सियासी हलचल, अब सुनेत्रा पवार की बारी
Devendra Fadnavis Delhi Visit: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री फडणवीस का अचानक दिल्ली दौरा और सुनेत्रा पवार की आगामी यात्रा राजनीतिक चर्चाओं को बढ़ा रही है. NCP के विलय की अटकलें भी हैं.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सोमवार (9 फरवरी) रात अचानक दिल्ली पहुंचने से राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया. देवेंद्र फडणवीस ने बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं से देर रात मुलाकात की और उसके बाद आज तड़के मुंबई लौट आए.
महाराष्ट्र के मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री के इस अचानक दिल्ली दौरे को काफी अहम माना जा रहा है. आने वाले कुछ दिनों में राष्ट्रवादी कांग्रेस के विलय को लेकर चर्चाएं तेज होने के संकेत मिल रहे हैं. विलय के संबंध में राज्य के सहयोगी दलों के साथ बातचीत शुरू होने की जानकारी सामने आई है.
सीएम फडणवीस के बाद सुनेत्रा पवार का दिल्ली दौरा
महाराष्ट्र में अगले कुछ दिनों में बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के संकेत हैं. इसी क्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का यह गोपनीय दिल्ली दौरा भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. देवेंद्र फडणवीस के दिल्ली दौरे के बाद अब दिवंगत अजित पवार की पत्नी और उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार भी दिल्ली जाने वाली हैं. सुनेत्रा पवार आज (मंगलवार, 10 फरवरी) दिल्ली के लिए रवाना होंगी. वह आज शाम 6.45 बजे दिल्ली जाएंगी.
सुनेत्रा पवार कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगी. उप मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद शिष्टाचार भेंट के लिए वे दिल्ली जा रही हैं, ऐसा उपमुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से बताया गया है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सोमवार देर रात किए गए गुप्त दिल्ली दौरे के बाद सुनेत्रा पवार के इस दौरे को विशेष महत्व दिया जा रहा है. इस दिल्ली दौरे में एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे और राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल भी उनके साथ रहेंगे.
जिला परिषद में NCP बनी दूसरे नंबर की पार्टी
महाराष्ट्र के 12 जिला परिषदों और 125 पंचायत समितियों के हाल ही में संपन्न चुनावों में बीजेपी पहले स्थान पर रही है, जबकि अजित पवार गुट की राष्ट्रवादी कांग्रेस दूसरे स्थान पर रही. इससे पहले नगरपालिका और महानगरपालिका चुनावों में भी रिकॉर्ड सीटें जीतकर बीजेपी ने बड़ी सफलता हासिल की थी. इन चुनावों में जिला परिषद की 731 और पंचायत समितियों की 1462 सीटों के लिए मतदान हुआ था.
जिला परिषद की 731 सीटों में से बीजेपी के सबसे अधिक 233 सदस्य चुने गए हैं. इसके बाद अजित पवार गुट ने 167 और शिंदे सेना ने 162 सीटें जीती हैं. महायुति ने कुल 731 में से 562 सीटों पर जीत दर्ज की है. दूसरी ओर कांग्रेस को 56, शरद पवार गुट को 26 और उद्धव सेना को 43 सीटें मिली हैं. इस तरह महाविकास आघाड़ी को कुल मिलाकर केवल 125 सीटें ही हासिल हुई हैं.
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Source: IOCL




























