महाराष्ट्र की महिलाओं CM फडणवीस का राखी गिफ्ट, लागू होगा यह कानून
महाराष्ट्र विधानसभा ने धर्म की स्वतंत्रता संबंधी विधेयक ध्वनिमत से पास किया किया था. इस कानून में बरन, धोखाधड़ी, लालच और शादी के जरिए धर्म परिवर्तन पर सख्त सजा का प्रावधान थे.

महाराष्ट्र सरकार ने राखी से पहले राज्य की महिलाओं को बड़ा तोहफा दिया है. सरकार ने राज्य में धर्म स्वतंत्रता कानून 28 अगस्त 2026 से लागू करने का निर्णय किया है. इस संदर्भ में राजपत्र में अधिसूचना प्रकाशित कर दी गई है.
महाराष्ट्र धर्म स्वतंत्रता एक्ट अधिसूचित करते हुए कहा गया कि राज्यपाल के आदेश से महाराष्ट्र धर्म की स्वतंत्रता एक्ट, 2026 (महा.47 of 2026) के सेक्शन 1 के सब-सेक्शन (2) से मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए, महाराष्ट्र सरकार 28 अगस्त, 2026 को उस तारीख के तौर पर तय करती है, जिस दिन से इस एक्ट के नियम लागू होंगे.
महाराष्ट्र विधानसभा ने सोमवार रात धर्म की स्वतंत्रता संबंधी विधेयक इसी वर्ष मार्च में ध्वनिमत से पारित किया था. राज्यपाल के आदेश के बाद अब यह विधेयक कानून बन गया है. इस कानून में जबरदस्ती, धोखाधड़ी, लालच या शादी के जरिए कराए जाने वाले धर्म परिवर्तन पर रोक लगाने के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं.
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इस कानून में और क्या है?
कानून के मुताबिक, शादी का झांसा देकर गैरकानूनी धर्म परिवर्तन कराने पर 7 साल तक की जेल और 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. वहीं, नाबालिग, मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति, महिला या अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के व्यक्ति का धर्म परिवर्तन कराने पर 7 साल तक की जेल और 5 लाख रुपये तक का जुर्माना होगा.
सामूहिक धर्म परिवर्तन के मामले में भी 7 साल तक की जेल और 5 लाख रुपये तक का जुर्माना प्रस्तावित है. बार-बार ऐसा करने पर सजा बढ़कर 10 साल तक की जेल और 5 लाख रुपये तक के जुर्माने तक हो सकती है.























