मुंबई को महापौर मिलने में फिर होगी देरी, इस बार क्यों टला फैसला? अब फरवरी में चुना जाएगा BMC मेयर
BMC Mayor: 15 जनवरी को BMC को चुनाव हुए थे, महायुतिगठबंधन ने 118 सीटें जीतीं, इसमें अकेले बीजेपी की 89 सीट और शिंदे गुट को महज 29 सीटें ही मिलीं. बहुतम का आंकड़ा 114 है.

महाराष्ट्र में हालिया BMC चुनाव सम्पन्न होने के बाद अभी महापौर पद को लेकर सहमति नहीं बन पा रही है, अब यह चुनाव फरवरी के दूसरे सप्ताह तक टल गया है. बीएमसी चुनाव में महायुति बीजेपी और शिवसेना (शिंदे गुट) को 118 सीटें मिलीं, लेकिन गठबंधन के समूह पंजीकरण की प्रक्रिया अभी पूरी न होने के कारण मेयर पद के नाम का फैसला स्थगित कर दिया गया है.
सीएम देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे जिला परिषद चुनावों में व्यस्त हैं, जिसके बाद ही अब BMC के महापौर पर सहमित होगी. जानकारी के लिए बता दें कि 15 जनवरी को BMC को चुनाव हुए थे, जिसमें महायुतिगठबंधन ने 118 सीटें जीतीं. इसमें अकेले बीजेपी की 89 सीट और शिंदे गुट को महज 29 सीटें ही मिलीं. बहुतम का आंकड़ा 114 है. उधर शिवसेना (UBT) को 65 सीटें मिली थीं.
महायुति में पदों को लेकर चर्चा जारी
गठबंधन सूत्रों के मुताबिक महापौर पद के लिए बीजेपी और शिवसेना के बीच पदों के बंटवारे पर चर्चा जारी है. संचालन समिति की बैठक में मुख्यमंत्री ने बीजेपी नेताओं से राय ली, लेकिन अंतिम सहमति नहीं बनी. प्रशासन ने पहले 31 जनवरी को मतदान का प्रस्ताव रखा था (नामांकन 27 जनवरी तक), लेकिन गठबंधन पंजीकरण न होने से इसे टाल दिया गया. अब फरवरी के पहले या दूसरे सप्ताह में चुनाव होने की संभावना है, जब जिला परिषद चुनाव समाप्त होंगे.
महापौर के लिए चार नाम चर्चा में
इस समय महापौर पद के लिए चार नाम चर्चा में हैं, जिसमें बीजेपी की तेजस्वी घोसालकर सबसे मजबूत दावेदार मानी जा रही हैं. महापौर पद इस बार सामान्य महिला श्रेणी के लिए आरक्षित है, जिससे मुंबई को आठवीं महिला महापौर मिलने की उम्मीद है. बीजेपी ने पिछले 25 साल से चले आ रहे शिवसेना के दबदबे को तोड़ते हुए बीएमसी पर कब्जा जमाया है.
अलग-अलग पंजीकरण पर फैसला बाकी
राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि बीजेपी और शिवसेना अलग-अलग या संयुक्त रूप से पंजीकरण करेंगे, इस पर अंतिम फैसला होना बाकी है. मुख्यमंत्री फडणवीस ने दावा किया है कि महायुति का महापौर ही चुना जाएगा. इस बीच, विपक्षी दलों ने प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं, जबकि शिंदे गुट ने अपने नए चुने पार्षदों को होटल में रखकर किसी भी तरह की साजिश से बचाव किया है.
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